इबोबी सिंह ने केंद्र और मणिपुर सरकार पर नागरिकों की हत्याओं पर ‘मूक दर्शक’ बने रहने का आरोप लगाया

इबोबी सिंह ने केंद्र और मणिपुर सरकार पर नागरिकों की हत्याओं पर 'मूक दर्शक' बने रहने का आरोप लगाया

इबोबी सिंह ने केंद्र और मणिपुर सरकार पर नागरिकों की हत्याओं पर ‘मूक दर्शक’ बने रहने का आरोप लगाया
Modified Date: September 26, 2026 / 06:38 pm IST
Published Date: September 26, 2026 6:38 pm IST

इंफाल, 26 सितंबर (भाषा) मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष ओ. इबोबी सिंह ने शनिवार को आरोप लगाया कि जातीय हिंसा से प्रभावित राज्य में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा नागरिकों की एक के बाद एक की जा रही हत्याओं पर राज्य और केंद्र सरकारें ‘मूक दर्शक’ बनी हुई हैं।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए इबोबी ने कहा, ‘कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति के बारे में बात करने में भी हमें शर्मिंदगी महसूस हो रही है। सरकार इस तरह व्यवहार कर रही है जैसे उसे किसी भी समुदाय के नागरिकों की हत्याओं की कोई चिंता नहीं है।’

उन्होंने कहा, ‘हम नागा, कुकी और मेइती समुदायों के निर्दोष नागरिकों की हत्याओं की कड़ी निंदा करते हैं। ऐसी हत्याओं को मनोरंजन की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। राज्य और केंद्र सरकारें राज्य में हो रही हत्याओं पर मूक दर्शक बनी हुई हैं।’

म्यामां से आए संदिग्ध उग्रवादियों के मणिपुर में घुसने और कामजोंग जिले के पिलोंग गांव में चार नगा नागरिकों की गोली मारकर हत्या करने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए, इबोबी सिंह ने सीमा पर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए।

तीन बार मणिपुर के मुख्यमंत्री रह चुके इबोबी ने कहा, ‘अगर राज्य सरकार मौजूदा स्थिति की जानकारी केंद्र को नहीं दे पा रही है तो ऐसी राज्य सरकार होने का क्या मतलब है?’

उन्होंने मौजूदा केंद्र और राज्य सरकारों के रहते समुदायों के बीच शांति और आपसी विश्वास बहाल होने पर भी संदेह जताया।

इबोबी ने कहा, ‘हमें विश्वास नहीं है कि जब तक मौजूदा केंद्र और राज्य सरकारें रहेंगी, तब तक समुदायों के बीच शांति और आपसी विश्वास बहाल हो पाएगा।’

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नागरिकों की मौतों के बाद सरकार ने केवल निंदा करने के अलावा क्या कदम उठाए हैं।

खबरों के अनुसार, सितंबर में तामेंगलोंग, नोनी और कामजोंग जिलों में अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत हो चुकी है।

भाषा

शुभम पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में