केंद्र चाहे तो एनआरसी लागू करने समेत मणिपुर के किसी भी मुद्दे का हल हो सकता है: कांग्रेस

केंद्र चाहे तो एनआरसी लागू करने समेत मणिपुर के किसी भी मुद्दे का हल हो सकता है: कांग्रेस

केंद्र चाहे तो एनआरसी लागू करने समेत मणिपुर के किसी भी मुद्दे का हल हो सकता है: कांग्रेस
Modified Date: August 20, 2026 / 02:34 pm IST
Published Date: August 20, 2026 2:34 pm IST

इंफाल, 20 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की मणिपुर इकाई के प्रमुख ओ. इबोबी सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार में इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प हो तो वह राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू करने समेत राज्य से जुड़े किसी भी मुद्दे को दो से तीन महीनों में हल कर सकती है।

मणिपुर में कई नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि नयी दिल्ली के लिए रवाना हुए। वे केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को राज्य में 2027 की जनगणना से पहले एनआरसी को अद्यतन करने की अपनी मांग के बारे में बताना चाहते हैं।

सिंह ने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘अगर केंद्र सरकार चाहे, तो मणिपुर में एनआरसी लागू करना कोई बड़ी बात नहीं है… जनगणना से पहले एनआसी को अद्यतन किया जाना चाहिए। अगर जरूरत हो तो संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा राज्य बहुत छोटा है। अगर केंद्र सरकार दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता दिखाए तो एनआरसी हो या कोई और मुद्दा, उसे हल करने में बस दो से तीन महीने ही लगेंगे।’’

उन्होंने कहा कि वास्तविक मुद्दा यह है कि केंद्र सरकार राज्य के लोगों की इच्छाओं को नजरअंदाज कर रही है।

उन्होंने पूछा, ‘‘जातीय संघर्ष के दौरान कितने मकान नष्ट हुए? फिर आप जनगणना के तहत घरों की सूची कैसे बनाएंगे? राहत शिविरों में रह रहे 60,000 आईडीपी (आंतरिक रूप से विस्थापित) लोगों की गिनती कैसे करेंगे?’’

इस बीच नगा और मेइती संगठनों समेत 10 नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए।

इन संगठनों में कबुई यूनियन, रोंगमेई नगा यूथ ऑर्गनाइजेशन मणिपुर और ऑल मणिपुर मुस्लिम ऑर्गनाइजेशन्स कोऑर्डिनेटिंग कमेटी (एएमएमओसीओसी) शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने बताया कि उनका कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं से मुलाकात करने का कार्यक्रम है।

एएमएमओसीओसी के अध्यक्ष एस.एम. जलाल ने इंफाल हवाईअड्डे पर पत्रकारों से कहा, ‘‘हम राज्य में जनगणना से पहले एनआरसी को अद्यतन करने की लोगों की मांग को लेकर केंद्रीय नेताओं से बात करने राष्ट्रीय राजधानी जा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य प्रमुख नेताओं से मिलकर उन्हें लोगों की चिंताओं से अवगत कराने की कोशिश करेंगे।’’

कोम यूनियन मणिपुर के अध्यक्ष सर्तो कोम ने कहा, ‘‘अलग-अलग समुदायों के 10 सदस्य केंद्र से बातचीत करेंगे और एनआरसी एवं जनगणना से जुड़े मुद्दों पर समझ बनाने का प्रयास करेंगे। एनआरसी एक बहुत गंभीर मुद्दा है जिसे समझने की जरूरत है।’’

इस बीच एनआरसी लागू करने की मांग को लेकर इंफाल के थांगमीबंद में बड़ी संख्या में छात्रों ने रैली निकाली।

उन्होंने ‘‘एनआरसी नहीं, तो जनगणना नहीं’’ का नारा लगाया और यह मांग भी की कि जब तक आंतरिक रूप से विस्थापित लोग (आईडीपी) अपने घरों को वापस नहीं लौट जाते तब तक जनगणना नहीं कराई जानी चाहिए।

मई 2023 से इंफाल घाटी में रहने वाले मेइती और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले कुकी समुदाय के लोगों के बीच हुई हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गये थे और हजारों लोग बेघर हो गये थे।

भाषा सुरभि देवेंद्र

देवेंद्र


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