आईआईटी भुवनेश्वर ने पानी में आर्सेनिक का तेजी से पता लगाने वाला उपकरण विकसित किया
आईआईटी भुवनेश्वर ने पानी में आर्सेनिक का तेजी से पता लगाने वाला उपकरण विकसित किया
भुवनेश्वर, 10 जून (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भुवनेश्वर के शोधकर्ताओं ने पेयजल में आर्सेनिक का शीघ्रता से पता लगाने के लिए एक हल्का और छोटा उपकरण विकसित किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यह उपकरण सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी समस्या को हल करने के लिए कम लागत वाला और आसानी से कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकने वाला समाधान साबित होगा।
यह अनुसंधान आईआईटी भुवनेश्वर के ‘स्कूल ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड कंप्यूटर साइंसेज’ (एसईसीएस) के ‘सेंसर और स्पेक्ट्रोस्कोपी रिसर्च ग्रुप’ की एक टीम ने किया, जिसकी अगुवाई सायन डे ने की।
इस अनुसंधान में मुख्य जोर आर्सेनिक का पता लगाने वाली ऐसी प्रौद्योगिकी पर था जो वहनीय हो और जिसे आसानी से कहीं भी इस्तेमाल किया जा सके।
संस्थान के एक बयान के अनुसार, टीम ने एक स्टार्टअप के जरिए ‘आर्सेनसेफ’ नाम का एक छोटा, हाथ से पकड़ने लायक उपकरण विकसित किया है।
तेजी से, कम लागत के साथ और मौके पर ही जांच के लिए डिजाइन किया गया यह उपकरण बिना किसी प्रयोगशाला के आर्सेनिक संदूषण का सटीकता से पता लगाने में सहायक होगा, जिससे पानी की गुणवत्ता की जांच तेजी से तथा अधिक आसान हो जाएगी।
भाषा सुभाष रंजन
रंजन

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