ईटानगर में अवैध धार्मिक ढांचे हटाए जाएंगे, आईएलपी प्रणाली को सख्त किया जाएगा: खांडू

ईटानगर में अवैध धार्मिक ढांचे हटाए जाएंगे, आईएलपी प्रणाली को सख्त किया जाएगा: खांडू

ईटानगर में अवैध धार्मिक ढांचे हटाए जाएंगे, आईएलपी प्रणाली को सख्त किया जाएगा: खांडू
Modified Date: January 6, 2026 / 06:54 pm IST
Published Date: January 6, 2026 6:54 pm IST

ईटानगर, छह जनवरी (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अधिकारियों को राज्य की राजधानी में सभी अवैध धार्मिक ढांचों की पहचान करने और उन्हें ध्वस्त करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री का यह बयान युवा संगठनों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जिनका आरोप है कि अवैध प्रवासी ईटानगर राजधानी क्षेत्र (आईसीआर) में अनधिकृत धार्मिक संरचनाओं का निर्माण कर रहे हैं।

खांडू ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने उपायुक्तों को राज्य की राजधानी में सभी अनधिकृत धार्मिक ढांचों की पहचान करने और उन्हें ध्वस्त करने का निर्देश दिया है।’’

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उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को बंगाल पूर्वी सीमांत विनियमन (बीईएफआर), 1873 के तहत ‘इनर लाइन परमिट’ (आईएलपी) प्रणाली द्वारा संरक्षित किया गया है, जो स्वदेशी समुदायों, भूमि और संस्कृति की रक्षा के लिए गैर-निवासियों के प्रवेश को नियंत्रित करती है।

खांडू ने कहा कि राज्य सरकार अवैध प्रवासन पर अधिक प्रभावी ढंग से रोक लगाने के लिए जल्द ही एक नयी डिजिटल आईएलपी प्रणाली शुरू करेगी।

युवा संगठनों ने अवैध धार्मिक संरचनाओं के खिलाफ दिसंबर में 12 घंटे का बंद आयोजित किया था।

उनकी मांगों में नाहरलागुन में अवैध रूप से निर्मित ‘कैपिटल जामा मस्जिद’ को हटाना, अनधिकृत बस्तियों के खिलाफ कार्रवाई करना और अवैध रूप से बसे लोगों द्वारा कथित तौर पर लगाए जा रहे साप्ताहिक बाजारों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश


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