इमरान खान के बेटे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल की अपील की, कहा: उन्हें तत्काल चिकित्सा मदद चाहिए

इमरान खान के बेटे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल की अपील की, कहा: उन्हें तत्काल चिकित्सा मदद चाहिए

इमरान खान के बेटे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल की अपील की, कहा: उन्हें तत्काल चिकित्सा मदद चाहिए
Modified Date: July 24, 2026 / 04:58 pm IST
Published Date: July 24, 2026 4:58 pm IST

(एम जुल्करनैन)

लाहौर, 24 जुलाई (भाषा) पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे ने 1100 दिन से जेल में बंद अपने पिता के लिए तत्काल चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत के सिलसिले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल देने की अपील की है।

पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और नेता इमरान खान (73) अभी रावलपिंडी की आडियाला जेल में एकांत कारावास में हैं। उन्हें पांच अगस्त 2023 को इस्लामाबाद की एक अदालत ने तोशाखाना मामले में भ्रष्टाचार का दोषी ठहराया था जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

इसके बाद इमरान खान को कई अन्य मामलों में भी गिरफ्तार किया गया और दोषी ठहराया गया, जिसके कारण वह लगातार जेल में हैं।

कासिम खान (26) ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मेरे पिता इमरान खान को जेल में बंद हुए अब लगभग 1,100 दिन हो चुके हैं। मैंने और मेरे भाई ने मार्च के बाद से उनकी आवाज नहीं सुनी है। महीनों से हमें उनसे संपर्क नहीं करने दिया गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं या नहीं, जबकि उनकी आंखों की रोशनी लगातार कम होती जा रही है। उन्हें तुरंत चिकित्सकीय मदद की जरूरत है। परिवार या कानूनी पहुंच न होने के कारण, हमें उनके बारे में कोई भी जानकारी या भरोसा नहीं मिल पाता है।’’

कासिम खान और उनके 29 वर्षीय भाई सुलेमान खान ब्रिटेन में रहते हैं।

पाकिस्तान सरकार ने दिसंबर 2025 से इमरान खान की सभी तरह की मुलाकातों पर रोक लगा रखी है क्योंकि उन्होंने अपनी एक बहन के साथ भेंट के दौरान फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर को ‘‘मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति’’ कहा था।

कासिम खान ने कहा, “मुझे उनकी बहुत याद आ रही है। मैं उनसे आम चीज़ों के बारे में बात करना चाहता हूं, जैसे मेरा क्रिकेट, मैं जो किताबें पढ़ रहा हूं और कौन सी नई फ़िल्म अच्छी हैं, वगैरह। मैं समझता हूं कि पाकिस्तान के लोग अपने चुने हुए नेता को आजाद देखना चाहते हैं, लेकिन मुझे अपने पिता की पहले से कहीं ज़्यादा याद आ रही है।”

पाकिस्तान में सेना समर्थित व्यवस्था की आलोचना करते हुए इमरान खान के बेटे ने कहा, “लेकिन यह सिर्फ़ एक पिता की बात नहीं है। यह पाकिस्तान और उसके भविष्य की बात है।”

उन्होंने कहा, ‘‘एक धांधली वाली और तानाशाही सरकार राजनीतिक विरोध को लगातार कुचल रही है, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर कर रही है और लाखों पाकिस्तानियों से अपने नेता को आज़ादी से चुनने का अधिकार छीन रही है। जो लोग अपनी बात रखते हैं, उन्हें डरा-धमका रही है।’’

कासिम खान ने कहा, ‘‘मैं एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करता हूं कि वह इससे मुंह न मोड़ें। अन्याय के सामने चुप्पी उसे और बढ़ावा देती है।’’

इससे पहले फरवरी में, हिरासत के दौरान खून का थक्का जमने का इलाज समय पर न हो पाने के कारण इमरान खान की दाईं आंख की रोशनी बहुत कम हो गई थी। अब उनकी उस आंख से सिर्फ़ 15 प्रतिशत ही दिखाई देता है। उनकी कानूनी टीम और उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इलाज में लापरवाही को लेकर गंभीर चिंता जताई, जिसके बाद पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने दखल दिया और उनकी जांच के लिए एक खास मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया।

इमरान खान के परिवार वालों और राजनीतिक नेताओं ने उन्हें अकेले रखने की स्थितियों और स्वतंत्र निजी डॉक्टरों से मिलने की सीमित इजाज़त को लेकर प्रशासन की आलोचना की है।

हालांकि, सरकार का कहना है कि इमरान खान को ज़रूरी चिकित्सकीय देखभाल दी जा रही है।

भाषा राजकुमार नेत्रपाल

नेत्रपाल


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