कोलकाता में मोदी ने योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया, जबलपुर में मुर्मू ने ‘आसन’ किए

Ads

कोलकाता में मोदी ने योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया, जबलपुर में मुर्मू ने ‘आसन’ किए

  •  
  • Publish Date - June 21, 2026 / 08:50 PM IST,
    Updated On - June 21, 2026 / 08:50 PM IST

कोलकाता/जबलपुर, 21 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के प्रसिद्ध रेड रोड पर हजारों लोगों के साथ एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) के जश्न में देश का नेतृत्व किया, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जबलपुर में आम लोगों के साथ मिलकर “आसन” किए।

देश भर में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों ने हिस्सा लिया।

सफेद टी-शर्ट और सफेद पैंट पहने मोदी 40 मिनट के सत्र के दौरान प्रतिभागियों के बीच घूमते हुए दिखे। वह योग प्रोटोकॉल के प्रदर्शन को बारीकी से देख रहे थे और यह सुनिश्चित कर रहे थे कि उसका सही ढंग से पालन किया जा रहा है।

कई मौकों पर, उन्होंने प्रतिभागियों की योग मुद्रा को ठीक करने में भी मदद की।

इस मौके पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन गया है, जो अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के लोगों को एक साथ लाता है।

उन्होंने कहा, “पृथ्वी पर साल का सबसे लंबा दिन 21 जून अब योग के कारण सबसे बड़े सामुदायिक उत्सव का दिन बन गया है। योग लोगों को जोड़ता है। मैं इस अवसर पर विश्व के लोगों को बधाई देता हूं।”

मोदी ने इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘बढ़ती उम्र में योग से रहें निरोग’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्राचीन पद्धति शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और वृद्धावस्था में सक्रियता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार करती है।

मोदी ने कहा, “हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि हम 20 वर्ष की उम्र की तुलना में 40 वर्ष की उम्र में अधिक लचीले हों। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम 30 वर्ष की उम्र की तुलना में 50 वर्ष की उम्र में अधिक ऊर्जावान हों। हमारा लक्ष्य यह भी होना चाहिए कि हम 50 वर्ष की उम्र की तुलना में 70 वर्ष की उम्र में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का अधिक मजबूती से मुकाबला कर सकें। योग इसमें हमारी मदद कर सकता है।”

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने 2015 में जब 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के तौर पर मनाने के भारत के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी, तब से मोदी ने नयी दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूरु, न्यूयॉर्क, श्रीनगर और विशाखापत्तनम जैसी कई जगहों पर इन आयोजनों की अगुवाई की है।

मुर्मू ने कहा कि योग दुनिया को भारत की सांस्कृतिक विरासत की एक अनमोल देन है, जो कई वैश्विक चुनौतियों के बीच मानवता को शांति और सद्भाव की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाता है।

राष्ट्रपति ने जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में सामूहिक योग सत्र में हिस्सा लिया।

सफेद सलवार-कुर्ता पहने मुर्मू ने कई ‘आसनों’ का अभ्यास किया।

राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा, ‘‘आज हम भारत की उस महान परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग दिखाया है। योग विश्व समुदाय को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है।’’

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने लद्दाख के स्पितुक के ‘एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम’ में सैकड़ों योग प्रेमियों के साथ योगसत्र में हिस्सा लिया।

मेघालय के अपर शिलांग में भारतीय वायुसेना के ‘एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड’ पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोगों को बधाई दी और योग को “न केवल स्वस्थ शरीर का आधार, बल्कि संतुलित और अनुशासित जीवन जीने का एक रास्ता” बताया।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निरंतर प्रयासों और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण भारत की यह सांस्कृतिक धरोहर आज एक वैश्विक जन-आंदोलन बन चुकी है।”

जहां केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के साथ योग दिवस मनाया, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी के झांसी किला परिसर में “आसन” किए।

दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारतीय सभ्यता की सबसे पुरानी परंपराओं में से एक, योग, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक में दुनिया के हर कोने तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा, “आज दुनिया कई तरह की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं से लेकर शारीरिक फिटनेस की समस्याएं शामिल हैं। योग विज्ञान इनमें से कई समस्याओं का समाधान देता है।”

दिल्ली, इंफाल, रांची, गंगटोक, चंडीगढ़, विजयवाड़ा, ईटानगर, तिरुवनंतपुरम, चेन्नई, कोयंबटूर, अहमदाबाद, मुंबई, भुवनेश्वर और जयपुर जैसी जगहों पर भी ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया।

इस मौके पर देश भर में बड़ी संख्या में सशस्त्र बलों के जवानों ने योग सत्रों में हिस्सा लिया।

तोक्यो के ऐतिहासिक मंदिरों से लेकर मिलान के मशहूर ‘आर्को डेला पेस’ तक, दुनिया भर के योग प्रेमी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए एक साथ आए। उन्होंने सेहत, संतुलन और खुशहाली के रास्ते के तौर पर योग की बढ़ती लोकप्रियता को फिर से साबित किया।

मॉस्को में भारतीय दूतावास के जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र ने मॉस्को शहर की सरकार के साथ मिलकर, लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी के मशहूर यूनिवर्सिटेटस्काया स्क्वायर पर योग दिवस समारोह का आयोजन किया।

चीन में, शंघाई के बंड फाइनेंस सेंटर में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित समारोह में राजनयिकों, शिक्षाविदों, योग करने वालों और भारतीय समुदाय के सदस्यों सहित लगभग 400 लोगों ने हिस्सा लिया।

जापान में, 2,100 से ज्यादा योग प्रेमी तोक्यो के ऐतिहासिक सुकिजी होंगन-जी मंदिर में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित समारोह में शामिल हुए।

ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में पुराने संसद भवन के पास बड़ी संख्या में लोग योग दिवस पर एकत्र हुए।

ढाका में, बांग्लादेश में भारत के उच्चायोग ने इस मौके को मनाने के लिए सभी उम्र के लोगों को एक साथ इकट्ठा किया।

ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त पी. कुमारन ने मध्य लंदन के हॉलैंड पार्क में भारतीय मूल के कई लोगों और ब्रिटेन में योग करने वाले अन्य लोगों के साथ मिलकर आसन किए।

कुमारन ने ‘पीटीआई’ से कहा, “यह देखकर अच्छा लगता है कि योग की पहुंच धीरे-धीरे बढ़ रही है।”

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम वाशिंगटन, टोरंटो, हेलसिंकी, लंदन, रियाद, कुआलालंपुर, अंकारा और बार्सिलोना जैसी जगहों पर भी आयोजित किए गए।

भाषा प्रशांत नेत्रपाल

नेत्रपाल