मंदिरों, आश्रमों के प्रबंधन से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ बढ़ते मामले चिंताजनक:उच्च न्यायालय
मंदिरों, आश्रमों के प्रबंधन से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ बढ़ते मामले चिंताजनक:उच्च न्यायालय
नैनीताल, 19 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को हरिद्वार स्थित चंडी देवी मंदिर के मुख्य पुजारी के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
न्यायालय में दायर विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने कहा कि मंदिरों और आश्रमों के प्रबंधन से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ बढ़ते मामलों की संख्या चिंताजनक है तथा धार्मिक संस्था की गरिमा को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है।
कार्यवाही के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की कि अगर धार्मिक स्थानों से जुड़े पदाधिकारी सहवासी (लिव-इन) संबंध, घरेलू विवादों और छेड़छाड़ जैसे आरोपों का सामना कर रहे हैं तो स्थिति वास्तव में गंभीर है।
न्यायालय ने कहा कि कम से कम मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थल ऐसी गतिविधियों से मुक्त रहने चाहिए।
उच्च न्यायालय ने मंदिरों और आश्रमों की प्रबंधन प्रणालियों की उचित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन को उनका औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
मौजूदा मामला हरिद्वार के चंडी देवी मंदिर के मुख्य पुजारी महंत रोहित गिरि की पत्नी द्वारा दायर एक शिकायत से जुड़ा है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति ने 2021 में उन्हें रीना बिष्ट नाम की एक महिला से मिलवाया था और बाद में महंत के उक्त महिला के साथ करीबी संबंध बन गए।
शिकायत के अनुसार, पत्नी को महंत की लिखावट वाली एक डायरी मिली जिसमें रीना बिष्ट के नाम साढ़े पांच लाख रुपये की सावधि जमा (एफडी) कराए जाने का जिक्र था। पूछताछ में कथित रूप से सामने आया कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध थे और उस संबंध से उनकी एक बेटी भी पैदा हुई।
शिकायत में यह भी जिक्र किया गया कि मई 2025 में महंत रोहित गिरि को पंजाब पुलिस ने छेड़छाड़ के एक मामले में भी गिरफ्तार किया था।
इससे पहले भी न्यायालय ने महंत के खिलाफ लगे आरोपों का संज्ञान लिया था और कथित कुप्रबंधन की ओर इशारा करते हुए मंदिर ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठाए थे। अदालत ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को संबंधित मंदिर ट्रस्ट के कामकाज की उचित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे।
भाषा सं दीप्ति शफीक
शफीक

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