सोमवार को डिजिटल सम्मेलन में भारत और वियतनाम के बीच कई संधि होने की संभावना

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सोमवार को डिजिटल सम्मेलन में भारत और वियतनाम के बीच कई संधि होने की संभावना

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  • Publish Date - December 20, 2020 / 10:40 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:46 PM IST

नयी दिल्ली, 20 दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके वियतनामी समकक्ष गुयेन जुआन फुक के बीच सोमवार को डिजिटल सम्मेलन में रक्षा, ऊर्जा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों समेत समग्र द्विपक्षीय संबधों को और विस्तार देने के लिए भारत तथा वियतनाम के बीच कई समझौते एवं कुछ खास घोषणाएं होने की संभावना है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों का कहना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती स्थिति का मुद्दा चर्चा के दौरान प्रमुख रूप से उठने की उम्मीद है क्योंकि दोनों ही देशों के मुक्त, खुले, शांतिपूर्ण, समृद्ध और नियमाधारित क्षेत्रीय व्यवस्था में साझा हित हैं।

उन्होंने बताया कि बैठक में दोनों ही पक्ष ‘भारत-वियतनाम समग्र रणनीतिक साझेदारी’ के भावी विकास के लिए संयुक्त दृष्टिपत्र जारी कर सकते हैं जिसका लक्ष्य विविध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का मार्ग तय करना होगा।

भारत और वियतनाम 2016 में अपने द्विपक्षीय संबंध को आगे बढ़ाकर समग्र रणनीतिक साझेदारी तक ले गये थे और रक्षा सहयोग इस तेजी से बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों के अहम स्तंभों में एक रहा है।

सूत्रों ने बताया कि वियतनाम के वास्ते तीव्र गति वाली गश्ती नौकाओं के लिए रक्षा ऋण सहायता को बैठक के दौरान आगे बढ़ाने की संभावना है।

दोनों ही देशों का हिंद-प्रशांत क्षेत्र में काफी कुछ दांव पर है और वे भारत एवं आसियान द्वारा इस क्षेत्र के लिए अपने-अपने दृष्टिकोण के आधार पर वहां सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश सकते हैं।

पिछले साल बैंकाक में पूर्व एशिया सममेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्री क्षेत्र के संरक्षण और सतत इस्तेमाल तथा सुरक्षित समुद्री क्षेत्र के निर्माण के वास्ते सार्थक प्रयास करने के लिए हिंद-प्रशांत सागर पहल की स्थापना का प्रस्ताव दिया था।

दस सदस्यीय आसियान ने ‘आसियान आउटलुक ऑन इंडो पैसफिक’ नामक दस्तावेज में इस क्षेत्र के वास्ते अपना दृष्टिकोण सामने रखा है।

आसियान के अहम सदस्य देश वियतनाम का दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में चीन के साथ क्षेत्रीय विवाद है। भारत की वहां वियतनाम की समुद्री सीमा में तेल उत्खनन परियोनजाएं हैं।

भाषा

राजकुमार अविनाश

अविनाश