‘इंडिया’ गठबंधन की पार्टियों ने किया जन सम्मेलन, ‘ओडिशा-विरोधी’ अधिनियम को वापस लेने की मांग की

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'इंडिया' गठबंधन की पार्टियों ने किया जन सम्मेलन, 'ओडिशा-विरोधी' अधिनियम को वापस लेने की मांग की

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 08:46 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 08:46 PM IST

भुवनेश्वर, आठ सितंबर (भाषा) विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने मंगलवार को यहां एक जन सम्मेलन आयोजित कर खान और खनिज विकास एवं विनियमन (एमएमडीआर) संशोधन अधिनियम, 2026 को वापस लेने तथा खनिज संसाधनों, भूमि और जंगलों पर ओडिशा के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की।

कांग्रेस, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) लिबरेशन, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, राकांपा, समाजवादी पार्टी और राजद समेत गठबंधन के घटक दलों ने सम्मेलन में हिस्सा लिया। नेताओं ने आंदोलन को तेज करने और अपनी मांगों को लेकर 29 सितंबर को ‘विधानसभा घेराव’ करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों के नेताओं ने खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को ‘‘ओडिशा विरोधी, जनविरोधी और असंवैधानिक’’ करार दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि ओडिशा की भाजपा की ‘‘डबल इंजन’’ सरकार ने राज्य की जनता के साथ विश्वासघात किया है।

हाल में संसद से पारित यह अधिनियम खान और खनिजों से जुड़े नियमों में संशोधन करना चाहता है, जिसके तहत राज्यों को खनिज अधिकारों पर अतिरिक्त कर लगाने से प्रतिबंधित किया जाएगा।

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दावा किया कि यह कानून खनिज संपदा वाले राज्यों के संवैधानिक और वित्तीय अधिकारों को कमजोर करता है तथा कॉरपोरेट संस्थाओं द्वारा खनिज संसाधनों के अधिक दोहन का रास्ता खोलता है।

उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों से जुड़े ओडिशा के कर लगाने और राजस्व जुटाने के अधिकार को केंद्र की मंजूरी से जोड़ना ‘‘राज्य की वित्तीय स्वायत्तता पर गंभीर हमला’’ है।

गठबंधन के नेताओं ने कहा कि पहले से वसूले नहीं जा सके कर, उपकर और बकाया राशि की वसूली पर रोक लगाने से ओडिशा जैसे खनिज संपन्न राज्यों को भारी राजस्व नुकसान होगा, जो ‘‘लाखों करोड़ रुपये’’ तक हो सकता है।

उन्होंने कहा कि खनन पट्टों और संयुक्त लाइसेंस वाले क्षेत्रों के विस्तार तथा खुली नीलामी के बिना कैप्टिव खनन क्षेत्रों के विस्तार से ‘‘बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों को खनिज संसाधनों पर कब्जा करने और अपना मुनाफा अधिकतम करने के अधिक अवसर मिलेंगे।’’

विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बड़े पैमाने पर दोहन के लिए ओडिशा के प्राकृतिक संसाधनों को कॉरपोरेट कंपनियों के हवाले करने की साजिश कर रही है।

सत्तारूढ़ भाजपा ने कहा है कि नया खनन कानून राज्य के लिए ‘‘लाभकारी’’ होगा और विपक्षी दलों पर इस कानून को लेकर लोगों को ‘‘गुमराह’’ करने का आरोप लगाया है।

भाषा

राखी माधव

माधव