भारत की पहचान दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम वाले देश के रूप में हुई: मोदी

भारत की पहचान दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम वाले देश के रूप में हुई: मोदी

भारत की पहचान दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम वाले देश के रूप में हुई: मोदी
Modified Date: June 14, 2026 / 12:51 pm IST
Published Date: June 14, 2026 12:51 pm IST

नयी दिल्ली, 14 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि पिछले 12 साल में देश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों के लिए सस्ता और आसानी से उपलब्ध बनाने की दिशा में लगातार काम किया गया है।

मोदी ने कहा कि स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए सरकार आगे भी ऐसी सभी पहल जारी रखेगी।

मोदी ने कहा कि सरकार को इस बात पर गर्व होता है कि ‘‘भारत को दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत के लिए जाना जाता है, जो समाज के सबसे जरूरतमंद लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराती है।’’

उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, “पिछले 12 साल में भारत ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती और सुलभ बनाने के लिए लगातार काम किया है।”

मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना जैसी योजनाओं ने दवाइयों, स्टेंट और घुटने के प्रतिरोपण को किफायती बनाया है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि साथ ही, अधिक संस्थानों और सीट की उपलब्धता के कारण मेडिकल शिक्षा लोगों की पहुंच में पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए हम अब तक हुई प्रगति को आगे बढ़ाते हुए लगातार काम करते रहेंगे।”

केंद्र सरकार के नागरिक सहभागिता मंच ‘माईगोव इंडिया’ के मुताबिक, स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना किसी भी देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण निवेशों में से एक है।

‘माईगोव इंडिया’ पर बताया गया, “पिछले 12 साल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं ज्यादा लोगों तक, ज्यादा कुशलता से और कम खर्च में पहुंचाने की दिशा में बड़ी प्रगति की है। आज देश का स्वास्थ्य देखभाल तंत्र नागरिकों के लिए अधिक सुलभ, अधिक लचीला और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार है।”

‘माईगोव इंडिया’ के मुताबिक, एक मजबूत स्वास्थ्य देखभाल तंत्र की शुरुआत अधिक चिकित्सकों, बेहतर प्रशिक्षण और मेडिकल शिक्षा तक व्यापक पहुंच से होती है।

‘माईगोव इंडिया’ पर बताया गया, “इन वर्षों में मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक लोगों को अपने घर के पास ही मौके मिले हैं, यहां तक कि उन इलाकों में भी जहां पहले ऐसे संस्थान नहीं थे। इसका नतीजा यह है कि कुशल स्वास्थ्य देखभाल पेशवर की एक बड़ी संख्या तैयार हो रही है, जो एक स्वस्थ भारत की सेवा के लिए तैयार है।”

भाषा जितेंद्र अमित

अमित


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