भारत ने ईरान के जहाज़ों को ‘छोड़ने’ के बदले सुरक्षित मार्ग की खबरों को खारिज किया
भारत ने ईरान के जहाज़ों को ‘छोड़ने’ के बदले सुरक्षित मार्ग की खबरों को खारिज किया
नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को उन खबरों को ‘‘बेबुनियाद’’ बताते हुए खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के बदले में भारत द्वारा जब्त तीन ‘तेल टैंकर’ को छोड़ने की मांग कर रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि भारत और ईरान के अधिकारियों के बीच इस तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर यहां आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में यह भी कहा कि जिन तीन जहाजों का जिक्र किया जा रहा है वे ‘ईरान के स्वामित्व वाले नहीं हैं’ और ‘न ही उन पर कोई ईरानी चालक दल है।’
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी खबरें बेबुनियाद हैं। मैं इस बात पर ज़ोर देना चाहता हूं कि भारतीय और ईरानी अधिकारियों के बीच इस तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है। मैं यह भी कहना चाहूंगा कि जिन तीन जहाजों का ज़िक्र किया है, वे ईरानी स्वामित्व वाले नहीं हैं, न ही इन जहाजों पर कोई ईरानी चालक दल है…और ये टैंकर नहीं, जहाज हैं।’’
खबरों के मुताबिक, भारत के तटीय अधिकारियों ने अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित तीन तेल टैंकर को रोक रखा है, जिनका कथित तौर पर ईरान से संबंध है। एक खबर में दावा किया गया है कि इन ‘तीनों टैंकर’ को फरवरी में रोका गया था।
भारत, होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले 20 से अधिक भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए तेहरान के संपर्क में है।
एक अन्य सवाल पर जायसवाल ने कहा, ‘‘हम ईरान और अन्य देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं, और कई जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। हमारा इरादा उन जहाजों को सुरक्षित वापस घर लाने का है।’
भाषा आशीष पवनेश
पवनेश

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