विश्व में पैदा हो रहीं चुनौतियों के समाधान के लिए आशा की किरण बना हुआ है भारत: मोदी
विश्व में पैदा हो रहीं चुनौतियों के समाधान के लिए आशा की किरण बना हुआ है भारत: मोदी
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत आज विश्व में पैदा हो रहीं चुनौतियों के समाधान के लिए आशा की किरण बना हुआ है और हमारा देश विकास की नयी ऊंचाइयां छूने के साथ युवा होता जा रहा है।
राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में बीते कुछ वर्ष देश में तेज विकास के रहे हैं और देश सही दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत आज विश्व में पैदा हो रहीं चुनौतियों के समाधान के लिए आशा की किरण बना हुआ है। हम समाधान दे रहे हैं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का तेज आर्थिक विकास और कम मुद्रा स्फीति एक दुर्लभ संयोग है।
मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में इस देश के मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाओं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तार से बताया है।
उन्होंने कहा, ‘‘अभिभाषण में इसकी भी चर्चा की गई है कि देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं। इसमें भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त किया गया है, जो हम सब के लिए प्रेरक है।’’
कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच भाषण शुरू करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का पहला चतुर्थांश पूरा हो चुका है और दूसरा चतुर्थांश उसी प्रकार निर्णायक होना चाहिए जैसा कि पिछली शताब्दी में हुआ था।
उन्होंने कहा, ‘‘विकसित भारत के निर्माण में यह दूसरा चतुर्थांश भी सामर्थ्यवान होने वाला है, तेजी से विकास करने वाला है। देशवासी महसूस कर रहे हैं कि हम एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। हमें न रुकना है, न थमना है और लक्ष्य को प्राप्त करके ही दम लेना है।’
मोदी ने कहा, ‘‘वर्तमान में हम देखें तो भारत को अनेक सुयोग एक साथ नसीब हुए हैं। अपने आप में यह एक उत्तम संयोग हो गया है। समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। हमारा देश ऐसा है जो विकास की नयी ऊंचाई छू रहा है और उसी समय हमारा देश युवा होता जा रहा है। हमारे देश में युवाओं की आबादी बढ़ रही है जो अच्छा सुयोग है।’’
उन्होंने कहा कि विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है और हमारे पास युवा प्रतिभाएं हैं, जिनके पास संकल्प, सपने और सामर्थ्य भी हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा देश पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन आज हम विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के क्रम में हैं।
प्रधानमंत्री के भाषण के बीच विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।
भाषा माधव माधव वैभव अविनाश
अविनाश

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