भारत दंडात्मक शुल्क की वापसी के लिए अमेरिकी प्रशासन के साथ संवाद जारी रखे : तेदेपा सांसद

भारत दंडात्मक शुल्क की वापसी के लिए अमेरिकी प्रशासन के साथ संवाद जारी रखे : तेदेपा सांसद

भारत दंडात्मक शुल्क की वापसी के लिए अमेरिकी प्रशासन के साथ संवाद जारी रखे : तेदेपा सांसद
Modified Date: February 3, 2026 / 03:14 pm IST
Published Date: February 3, 2026 3:14 pm IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सदस्य बीधा मस्तान राव यादव ने कहा कि सरकार को अमेरिकी प्रशासन के साथ गहन संवाद जारी रखते हुए दंडात्मक शुल्क की औपचारिक वापसी के लिए प्रयास करने चाहिए।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए यादव ने कहा कि 2025 में अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत प्रतिशोधात्मक शुल्क लगाया था। इसके परिणामस्वरूप कई भारतीय निर्यातों पर 50 से 58 प्रतिशत तक का प्रभावी शुल्क बोझ पड़ा।

उन्होंने कहा कि इन उपायों से व्यापार प्रवाह बुरी तरह प्रभावित हुआ, प्रतिस्पर्धात्मकता घटी और निर्यातकों—विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और श्रम-प्रधान क्षेत्रों—में अनिश्चितता पैदा हुई।

यादव ने कहा, “इस संदर्भ में मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राजग सरकार और वाणिज्य मंत्रालय के दृढ़ प्रयासों की सराहना करना चाहता हूं, जिनके अमेरिका के साथ सक्रिय कूटनीतिक संवाद से ठोस परिणाम सामने आए हैं।”

उन्होंने कहा कि दो फरवरी 2026 को प्रतिशोधात्मक शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है और यह वैश्विक व्यापार वार्ताओं में भारत की बढ़ती हैसियत का मजबूत संकेत भी है।

तेदेपा सदस्य ने कहा कि भारतीय रुपये में मजबूती सहित बाजार की सकारात्मक प्रतिक्रिया नेतृत्व-आधारित इस बातचीत में भरोसे को दर्शाती है।

उन्होंने अमेरिकी सरकार की ओर से औपचारिक अधिसूचना जारी न होने के कारण बनी अनिश्चितता की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि अब तक की घोषणा सार्वजनिक बयानों और मौखिक संवाद पर आधारित है, जबकि अमेरिकी कानून के तहत—जिसमें अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक शक्तियां अधिनियम (आईईईपीए) भी शामिल है—अब तक औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

यादव ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के बयान में प्रतिशोधात्मक शुल्क का उल्लेख है, लेकिन 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क की स्पष्ट वापसी की पुष्टि नहीं की गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सीमा शुल्क के दस्तावेजों में दो अलग-अलग शुल्क ‘कोड’ दर्शाए गए हैं। इनमें से एक प्रतिशोधात्मक शुल्क के लिए और दूसरा रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर दंडात्मक ‘लेवी’ के लिए है। उन्होंने कहा कि कानूनी स्पष्टीकरण जारी होने तक दोनों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा की जा रही है।

यादव ने कहा कि इस स्थिति में निर्यातकों के सामने अनिश्चितता बनी हुई है। “इसलिए मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह दंडात्मक शुल्क की औपचारिक वापसी सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका प्रशासन के साथ गहन संवाद जारी रखे।”

भाषा मनीषा अविनाश

अविनाश


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