भारत, ब्रिटेन एआई अपनाने के लिए दुनिया के सबसे बेहतरीन स्थान बन सकते हैं : ब्रिटिश मंत्री
भारत, ब्रिटेन एआई अपनाने के लिए दुनिया के सबसे बेहतरीन स्थान बन सकते हैं : ब्रिटिश मंत्री
(अदिति खन्ना)
लंदन, 16 फरवरी (भाषा) ब्रिटेन के एआई और ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री कनिष्क नारायण ने कहा कि बड़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रयोगशालाएं भले ही अमेरिका और चीन में हों, लेकिन भारत और ब्रिटेन दुनिया में एआई को अपनाने के लिए सबसे बेहतरीन स्थान बन सकते हैं।
वेल्स से लेबर पार्टी के सांसद और बिहार में जन्मे नारायण का मानना है कि यह तकनीक सेवाओं, स्वास्थ्य और जीव विज्ञान क्षेत्रों में बड़े लाभ प्रदान कर सकती है। वह सोमवार को नयी दिल्ली में शुरू हुए एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने भारत गए हैं।
इस सप्ताह बेंगलुरु और दिल्ली के दो शहरों की यात्रा के दौरान नारायण का मुख्य संदेश यह होगा कि दोनों देश एक ही उद्देश्य को हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं- यह सुनिश्चित करना कि एआई के ‘‘असाधारण’’ आर्थिक अवसर का जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया जाए।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘कई बड़ी एआई प्रयोगशालाएं अमेरिका या चीन में हैं। ब्रिटेन और भारत के लिए अवसर यह है कि हम दुनिया में एआई को अपनाने के लिए सबसे अच्छे स्थान बनें; जरूरी नहीं कि केवल एआई का आविष्कार करने के लिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बहुत महत्वपूर्ण और बड़ा क्षेत्र है। मैं सेवाओं और स्वास्थ्य देखभाल जैसे क्षेत्रों में अपनाने की बात कर रहा हूं। भारत की विशाल आबादी है और बड़े पैमाने पर नवाचारी स्वास्थ्य क्षेत्र भी है। वहीं ब्रिटेन के पास एनएचएस (राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा) के आधार पर दुनिया का अग्रणी जीवन विज्ञान क्षेत्र है। वहां सीखने और सहयोग के बड़े अवसर हैं।’’
उन्होंने कहा कि दूसरा पहलू एआई में अनुसंधान एवं विकास की अगली दिशा पर विचार करना है, जिसमें फ्रंटियर एआई और सेमीकंडक्टर पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘तीसरा पहलू जिम्मेदार एआई को आकार देना है, क्योंकि समान मूल्यों पर आधारित दो देशों के रूप में हमारे पास यह सुनिश्चित करने का बड़ा अवसर है कि एआई सभी के लिए काम करे। मानक तय करना, शासन व्यवस्था, आश्वासन और जिम्मेदार उपयोग बहुत महत्वपूर्ण है।’’
नारायण (36) वेल्स से भारतीय मूल के पहले सांसद हैं। वह ब्रिटेन को भारतीय एआई कंपनियों के निवेश और विस्तार के लिए प्रमुख गंतव्य के रूप में पेश करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटेन और भारत के बीच सबसे गहरा संबंध यह है कि हमारे लोग लगातार भविष्य का पीछा करते हैं। भारत की असाधारण एआई प्रतिभा और ब्रिटेन की पेशकश के बीच पुल बनाना ही केंद्रीय अवसर है।’’
पिछले वर्ष जुलाई में संपन्न हुए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर मंत्री ने कहा कि भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ समझौता करना ब्रिटेन के ‘‘भविष्य का पीछा करने और अवसर सृजित करने’’ का संकेत है।
भाषा गोला रंजन
रंजन

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