भारत-अमेरिका समझौते से किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा असर: पायलट

भारत-अमेरिका समझौते से किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा असर: पायलट

भारत-अमेरिका समझौते से किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा असर: पायलट
Modified Date: February 15, 2026 / 10:17 pm IST
Published Date: February 15, 2026 10:17 pm IST

जयपुर, 15 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर रविवार को सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह भारतीय किसानों, विशेषकर कपास और सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के लिए हानिकारक है।

कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि इस समझौते ने कई चिंताएं पैदा की हैं और इसका असर किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा।

उन्होंने राज्य कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, “अमेरिका और भारत के बीच हुआ यह समझौता कई सवाल खड़े करता है। लोगों को जागरूक होना चाहिए। इसका असर खासकर सोयाबीन और कपास किसानों के भविष्य पर पड़ेगा और उन्हें नुकसान होगा।”

वह यहां महिला कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को उठा रहे हैं।

पायलट ने कहा, “मुझे खेद है कि किसी भी सरकार ने, चाहे वह किसी भी दल की रही हो, छोटे व्यापारियों, किसानों और युवाओं के भविष्य से इस तरह से खिलवाड़ नहीं किया।”

समझौते की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि भारत सरकार किस दबाव में है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार घोषणाएं कर रहे हैं। पहले भी हमारे व्यापार समझौते हुए हैं, जैसे संयुक्त अरब अमीरात के साथ जो हुआ है, लेकिन यह अलग दिखाई देता है।”

पायलट ने आरोप लगाया कि यह समझौता किसानों और डेयरी उत्पादकों को भारी नुकसान पहुंचाएगा और केंद्र सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है।

उन्होंने कहा, “अमेरिका कैसे तय कर सकता है कि भारत जैसे मजबूत देश को तेल कहां से खरीदना चाहिए। यह हमारी ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डालता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि संसद सत्र के दौरान इस समझौते का प्रचार सोशल मीडिया पर किया जा रहा था।

राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इस समझौते की आलोचना की।

उन्होंने कहा, “अगर मक्का अमेरिका से आएगा तो भारतीय मक्का कहां जाएगा? अगर बादाम शून्य प्रतिशत शुल्क पर आयात होंगे तो हमारे किसानों का क्या होगा?”

उन्होंने आरोप लगाया कि पांच या दस एकड़ जमीन वाले छोटे किसान ऐसी नीतियों से “बर्बाद” हो जाएंगे।

रंधावा ने कहा कि पार्टी इस समझौते का कड़ा विरोध करेगी।

भाषा बाकोलिया नोमान

नोमान


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