India US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों को होगा नुकसान या फायदा? केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सदन में किया खुलासा, जानिए क्या बोले

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India US Trade Deal: US India Trade Deal अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत पर टैरिफ कम कर दिया है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेड डील को लेकर सरकार का पक्ष रखा है।

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  • Publish Date - February 4, 2026 / 02:06 PM IST,
    Updated On - February 4, 2026 / 02:19 PM IST

piyush goyal/ image source: ani x handle

HIGHLIGHTS
  • भारत-अमेरिका डील पर लोक सभा में चर्चा
  • केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा- संवेदनशील मुद्दों को ट्रेड डील से अलग रखा गया है
  • खाद और कृषि क्षेत्र का पूरा ध्यान रखा गया है:गोयल

India US Trade Deal: नई दिल्ली: 2 फरवरी को भारत के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई। दरअसल, US India Trade Deal अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत पर टैरिफ कम कर दिया है। भारत पर लगाए जाने वाले 25% टैरिफ को घटाकर 18% किया। अब भारत और अमेरिका के बीच केवल 18 फीसदी टैरिफ है। इस बात का ऐलान खुद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर दी है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसपर खुशी जताई है। बताते चलें कि भारत पर  50% अमेरिकी टैरिफ बीते 27 अगस्त से लागू है। वहीं, इस मामले को लेकर विपक्ष हमलावर है। इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में भी खूब चर्चा हो रही है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेड डील को लेकर सरकार का पक्ष रखा है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर लोकसभा में बोला।

US India Trade Deal: संवेदनशील मुद्दों को ट्रेड डील से अलग रखा गया है :गोयल

देखा जा रहा है कि, कांग्रेस ट्रेड डील को कियानों के साथ धोखा बता रही है। इस पर मंत्री पीयूष गोयल का बयान आया है। केंद्रीय वाणिज्य एंव उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “… दोनों पक्षों के हितों को देखते हुए स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित करना चाहेंगे… भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों विशेषकर कृषि और दुग्ध क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। अमेरिकी पक्ष के भी कुछ ऐसे क्षेत्र थे जो उनके दृष्टिकोण से संवेदनशील थे। 1 साल तक चली कई दौर के विचार विमर्श के बाद व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे… यह समझौता विशेष रूप से श्रम प्रदान क्षेत्रों और विनिर्माण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है… खाद और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का पूर्ण ध्यान रखा गया है।”

पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कई मुद्दों पर की बात

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “2 फरवरी  2026 को प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई मामलों पर टेलीफोन पर बातचीत की। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने टैरिफ को घटाकर 18% करने की घोषणा की। मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि यह टैरिफ कई प्रतिस्पर्धी देशों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ से कम है…”

India America Trade Agreement: कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया है-गोयल

पीयूष गोयल ने कहा, “मैं इस सम्मानित सदन को यह दोहराना चाहता हूं कि उर्वरक और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया है। यह समझौता लघु एवं मध्यम व्यापारियों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, उद्योगपतियों, कुशल श्रमिकों और उद्योगों को नए अवसर प्रदान करेगा। इससे उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच आसान होगी और भारत के ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’, ‘डिजाइन इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ और ‘इनोवेट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के लक्ष्यों को साकार करने में मदद मिलेगी।”

भारत 2047 की दिशा में एक बड़ा कदम है-गोयल

मंत्री पीयूष गोयल ने ये भी बताया कि, “यह ऐतिहासिक और संरचनात्मक समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 की दिशा में हमारी यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत संबंध को भी दर्शाता है; वे स्वाभाविक साझेदार हैं और साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”

Piyush Goyal Lok Sabha Speech: हमारे निर्यात में भी विस्तार होगा :गोयल

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “दोनों देशों के बीच भविष्य में व्यापार के अवसरों के संदर्भ में, सांसद समझेंगे कि काफी हद तक भारत और अमेरिका एक-दूसरे की पूरक अर्थव्यवस्थाएं हैं। भारत विकसित भारत के पथ पर अग्रसर है, ऐसे में ऊर्जा, विमानन, डेटा सेंटर, परमाणु ऊर्जा और कई अन्य क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा। अमेरिका इन क्षेत्रों में अग्रणी देश है। इसलिए, इन क्षेत्रों में व्यापार के अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना हमारे लिए स्वाभाविक है, जिससे न केवल हमारी खरीद में बल्कि हमारे निर्यात में भी विस्तार होगा…”

भारतीयों की ऊर्जा आवश्यकताओं की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है-गोयल

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “मैं सांसदों को सूचित करना चाहता हूं कि आगे की कार्रवाई के संबंध में, दोनों पक्ष व्यापार समझौते से संबंधित महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को पूरा करने और कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे ताकि इसका पूरा लाभ जल्द से जल्द उठाया जा सके। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के तुरंत बाद समझौते का विवरण घोषित किया जाएगा… मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि, जैसा कि सरकार ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है, 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा आवश्यकताओं की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वस्तुनिष्ठ बाजार, परिस्थितियों और बदलती भू-राजनीतिक स्थिति के अनुरूप, ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण हमारी कार्यशैली का आधार है…”

बताते चलें कि, इस मामले को लेकर विपक्ष हमलावर है। कांग्रेस इस ट्रेड डील को भारत के किसानों के साथ धोखा बता रही है। बीते दिन लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी घबराए हुए हैं। जो ट्रेड डील 4 महीने से रुकी हुई थी। किसी न किसी कारण से नरेंद्र मोदी ने कल शाम उस डील को साइन कर दिया। नरेंद्र मोदी पर दबाव है, भयंकर दबाव है। नरेंद्र मोदी की इमेज का गुब्बारा फूट सकता है। हमारे प्रधानमंत्री को कॉम्प्रोमाइज कर दिया गया है। किसने किया है, कैसे किया है ये देश की जनता को सोचना है…अमेरिका में अडानी पर एक केस है। वो अडानी को नहीं नरेंद्र मोदी के वित्तीय ढांचे को टारगेट कर रहा है। एपस्टीन फाइल्स में अभी और माल है जो अभी रिलीज नहीं हुआ है।”

प्रियंका भी हुईं हमलावर

वहीं राहुल गांधी के साथ ही प्रियंका गांधी ने सोशल मीडियो प्लैटफॉर्म एक्स पर सरकार से सवाल पूछा। प्रियंका ने लिखा, अमेरिका की ओर से कहा गया है, “अमेरिकी किसानों के प्रोडक्ट अब भारतीय बाजार में बिकेंगे जिससे ग्रामीण अमेरिका में पैसा आएगा। इस डील से ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए फायदा सुनिश्चित किया है।” भारत के करोड़ों किसान जानना चाहते हैं कि इस व्यापार समझौते की शर्तें क्या हैं? क्या मोदी सरकार भारतीय कृषि क्षेत्र को पूरी तरह अमेरिका के लिए खोलने जा रही है? क्या सरकार भारतीय किसानों को अमेरिकी कंपनियों के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में झोंकेगी? क्या हमारे किसानों के हितों से समझौता किया गया है? जनता के सामने तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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