भारत वाणिज्यिक स्तर के ‘फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ वाला दूसरा देश बनेगा : जितेंद्र सिंह
भारत वाणिज्यिक स्तर के ‘फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ वाला दूसरा देश बनेगा : जितेंद्र सिंह
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत रूस के बाद वाणिज्यिक स्तर के फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (एफबीआर) का संचालन करने वाला दुनिया का दूसरा देश होगा।
मंत्री ने तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी रूप से विकसित 500 मेगावाट के प्रोटोटाइप एफबीआर का जिक्र किया, जिसने छह अप्रैल को पहली बार महत्वपूर्ण क्रिटिकल अवस्था हासिल की थी।
सिंह ने कहा, ‘‘यह रिएक्टर भारत के तीन चरण वाले परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत का प्रतीक है, जिसमें यूरेनियम-प्लूटोनियम मिश्रित ऑक्साइड ईंधन का इस्तेमाल करके खपत से अधिक ईंधन का उत्पादन किया जाता है। इस उपलब्धि के साथ, भारत अपनी परमाणु रणनीति के तीसरे चरण में अपने विशाल थोरियम भंडार का लाभ उठाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।’’
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर पर सांसदों और विधायकों की एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये टिप्पणियां कीं।
वर्तमान में, रूस एकमात्र ऐसा देश है जो वाणिज्यिक एफबीआर का संचालन कर रहा है, जबकि भारत अपने एफबीआर को चालू करने के उन्नत चरण में है।
हालांकि कई देशों ने प्रायोगिक तौर पर ऐसे रिएक्टर विकसित किए हैं या उनका संचालन किया है, विशेष रूप से अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, जर्मनी और चीन, लेकिन इनमें से अधिकांश कार्यक्रम बंद हो चुके हैं।
सिंह ने कहा, ‘‘फास्ट ब्रीडर रिएक्टर प्रौद्योगिकी में केवल कुछ ही देशों ने प्रगति की है, जिससे भारत उन्नत परमाणु क्षमता के मामले में वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट स्थान रखता है।’’
मंत्री ने कहा कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा की तरफ बढ़ने और दीर्घकालिक लक्ष्यों में, विशेष रूप से 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने में परमाणु ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भाषा आशीष वैभव
वैभव

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