वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर भारत सरकार का बयान उपयुक्त नहीं: माकपा

वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर भारत सरकार का बयान उपयुक्त नहीं: माकपा

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 07:27 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 07:27 PM IST

नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सोमवार को कहा कि वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले को लेकर भारत सरकार की तरफ से जो बयान दिया गया वह राष्ट्रों की संप्रभुता की रक्षा करने की देश की लंबे समय से चली आ रही परंपरा के लिहाज से उपयुक्त नहीं है।

माकपा ने एक बयान में कहा कि भारत सरकार के बयान में संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के ‘घोर उल्लंघन’ के बारे में निंदा का एक शब्द भी नहीं था।

वामपंथी दल ने कहा, ‘‘वेनेजुएला पर हमला और अमेरिका के सशस्त्र बलों द्वारा उसके राष्ट्रपति और उनकी पत्नी के अपहरण पर मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की प्रतिक्रिया ‘कायरतापूर्ण’ है और यह राष्ट्रों की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा करने से जुड़े भारत के लंबे समय से जारी रुख के लिहाज से उपयुक्त नहीं है।’’

बयान में कहा गया, ‘विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान केवल ‘वेनेजुएला के घटनाक्रम पर गहरी चिंता’ व्यक्त करता है और ‘क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बातचीत’ का आह्वान करता है। इसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के घोर उल्लंघन के बारे में निंदा का एक शब्द भी नहीं है – जिसका उल्लेख अमेरिका के कुछ यूरोपीय सहयोगियों ने भी किया है।’’

वाम दल ने भारत के रुख को उसके ब्रिक्स साझेदार ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के रुख के बिल्कुल विपरीत बताया, जिन्होंने स्पष्ट रूप से अमेरिकी आक्रामकता की निंदा की और निकोलस मादुरो एवं उनकी पत्नी की रिहाई की मांग की।

विदेश मंत्रालय ने रविवार को अमेरिकी सैन्य अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़े जाने पर ‘‘गहरी चिंता’’ व्यक्त की थी तथा कहा कि वह तेल समृद्ध दक्षिण अमेरिकी देश में तेजी से बदल रही स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है।

भाषा हक

हक संतोष

संतोष