कोलकाता, 30 मार्च (भाषा) रक्षा क्षेत्र की कंपनी ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड’ (जीआरएसई) ने सोमवार को भारतीय नौसेना को एक ‘गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट’ और दो अन्य महत्वपूर्ण जलयान सौंपे। यह स्वदेशी रक्षा विनिर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
अधिकारियों ने बताया कि युद्धपोत निर्माता ने नौसेना को उन्नत गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ‘दूनागिरि’, सर्वेक्षण पोत ‘संशोधक’ और ‘अग्रय’ नामक पनडुब्बी-रोधी पोत सौंपा।
इस संबंध में जारी एक बयान में कहा गया कि पोत विध्वंसक ब्रह्मोस और जमीन पर हमला करने वाली क्रूज़ मिसाइलों के साथ-साथ उन्नत रक्षा प्रणालियों से लैस ‘दूनागिरि’ नौसेना की मारक और रक्षा क्षमताओं का एक महत्वपूर्ण प्रतिबिंब है।
बयान के अनुसार, जीआरएसई द्वारा निर्मित चार बड़े सर्वेक्षण पोतों में से अंतिम ‘संशोधक’ नौसेना की सर्वेक्षण क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का परिचायक है।
जीआरएसई द्वारा बनाए जा रहे आठ पनडुब्बी रोधी जलयानों में से एक ‘अग्रय’ को तटीय जलक्षेत्र में अभियानों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
भाषा नेत्रपाल रंजन
रंजन