भारत की भूतापीय ऊर्जा बिजली पैदा करने के साथ ही औद्योगिक ताप प्रदान कर सकती है :रिपोर्ट

भारत की भूतापीय ऊर्जा बिजली पैदा करने के साथ ही औद्योगिक ताप प्रदान कर सकती है :रिपोर्ट

भारत की भूतापीय ऊर्जा बिजली पैदा करने के साथ ही औद्योगिक ताप प्रदान कर सकती है :रिपोर्ट
Modified Date: May 14, 2026 / 05:38 pm IST
Published Date: May 14, 2026 5:38 pm IST

नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) भारत में भूमि के नीचे बहुत सारे भूतापीय (जियोथर्मल) संसाधन हैं, जिनमें कुछ ऐसी जगहें भी शामिल हैं जहां सतह के नीचे तापमान बिजली बनाने के लिहाज से काफी है। एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

भूतापीय संसाधन पृथ्वी के अंदर मौजूद गर्मी है जिसे हम ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई ऐसे स्थान हैं जहां भूतापीय ऊर्जा भवनों को शीतलन और औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए ऊर्जा दे सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत में भूतापीय ऊर्जा के लिए काफी तकनीकी क्षमता है: 11,000 गीगावाट औद्योगिक ऊर्जा, 1,500 गीगावाट से ज़्यादा कूलिंग और 450 गीगावाट बिजली।”

‘भारत में भूतापीय ऊर्जा का भविष्य’ शीर्षक से यह विश्लेषण बृहस्पतिवार को ‘प्रोजेक्ट इनरस्पेस’ ने ‘काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू)’ के साथ साझेदारी में जारी किया।

रिपोर्ट में अनुमान व्यक्त किया गया है कि भूतापीय विकास से 3,50,000 से 7,00,000 नौकरियां पैदा हो सकती हैं, साथ ही कृषि उद्योग में आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिल सकता है।

सीईईडब्ल्यू में रणनीतिक साझेदारी के निदेशक कार्तिक गणेशन ने एक बयान में कहा, “जैसे-जैसे भारत की ऊर्जा आपूर्ति स्वच्छ स्रोतों की ओर बढ़ रही है, इस विविधता को नई प्रौद्योगिकी से पूरा करना होगा, और भूतापीय ऊर्जा वह हर जगह मिलने वाला स्रोत है जो ऊर्जा सुरक्षा की गारंटी देता है, जिसका पर्यावरण पर बहुत कम असर पड़ता है और यह अल्पकालिक मौसम और दीर्घकालिक जलवायु परिवर्तन के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होता।”

भाषा वैभव नरेश

नरेश


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