Indonesia jf-17 Pakistan Brahmos India: भारत से ब्रह्मोस का सौदा, पाकिस्तान से JF-17 की चर्चा, आखिर क्या है इंडोनेशिया की रणनीति ?

Indonesia jf-17 Pakistan Brahmos India : JF-17 थंडर एक मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) और चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री ग्रुप ने मिलकर विकसित किया है।

Indonesia jf-17 Pakistan Brahmos India: भारत से ब्रह्मोस का सौदा, पाकिस्तान से JF-17 की चर्चा, आखिर क्या है इंडोनेशिया की रणनीति ?

image source: PAF and StudyIQ

Modified Date: January 17, 2026 / 06:14 pm IST
Published Date: January 17, 2026 6:05 pm IST
HIGHLIGHTS
  • JF-17 थंडर फाइटर जेट की मांग
  • घट रहा है अमेरिका का प्रभाव
  • इंडोनेशिया की JF-17 में रुचि और भारत से ब्रह्मोस का सौदा

नई दिल्ली: हाल के महीनों में पाकिस्तान और चीन द्वारा संयुक्त रूप से विकसित JF-17 थंडर फाइटर जेट की मांग कई मुस्लिम देशों में तेजी से बढ़ी है। (Indonesia jf-17 Pakistan brahmos india) लीबिया, सूडान और सऊदी अरब जैसे देश इस जेट को खरीदने या उस पर बातचीत कर रहे हैं। वहीं बांग्लादेश, अजरबैजान और इंडोनेशिया भी इसमें रुचि दिखा रहे हैं। विशेषज्ञ इसे वैश्विक हथियार बाजार में बदलते शक्ति संतुलन और अमेरिका के घटते प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं।

JF-17 की बढ़ती मांग क्यों?

JF-17 थंडर एक मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) और चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री ग्रुप ने मिलकर विकसित किया है। (Indonesia jf-17 Pakistan brahmos india)  इसकी प्रमुख खूबियां यह है कि यह कम लागत, आसान रखरखाव और आधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है। पाकिस्तान इसे मुस्लिम देशों के लिए एक किफायती और रणनीतिक विकल्प के रूप में पेश कर रहा है।

अब तक सामने आए प्रमुख सौदे और बातचीत में लीबिया ने लगभग 4 अरब डॉलर का सौदा किया है।सूडान ने 1.5 अरब डॉलर का करार किया है। सऊदी अरब ने 4 अरब डॉलर की संभावित डील पर बातचीत की है। अन्य इच्छुक देश में बांग्लादेश, अजरबैजान और इंडोनेशिया भी सामने आए हैं। ये सौदे पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था को राहत देने के साथ-साथ चीन की वैश्विक हथियार निर्यात रणनीति को भी मजबूती देते हैं।

 ⁠

क्यों घट रहा है अमेरिका का प्रभाव ?

विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी और मुस्लिम देशों की यह रणनीति अमेरिका के घटते सैन्य और राजनीतिक प्रभाव का संकेत है। (Indonesia jf-17 Pakistan brahmos india) पहले ये देश अमेरिकी हथियारों और सुरक्षा गारंटी पर निर्भर थे, लेकिन अब वे वैकल्पिक सप्लाई चेन की तलाश में हैं।

चीन और पाकिस्तान के प्लेटफॉर्म उन्हें अमेरिकी प्रतिबंधों और राजनीतिक दबाव से बचने का विकल्प देते हैं। यही कारण है कि अमेरिका भी इन देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने से बच रहा है और कूटनीति को प्राथमिकता दे रहा है।

इंडोनेशिया की JF-17 में रुचि और भारत से ब्रह्मोस का सौदा

भारत के लिए सबसे संवेदनशील मामला इंडोनेशिया का है। (Indonesia jf-17 Pakistan brahmos india)  एक ओर इंडोनेशिया भारत से करीब 450 मिलियन डॉलर की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने के अंतिम चरण में है, वहीं दूसरी ओर वह पाकिस्तान से 40 JF-17 फाइटर जेट्स खरीदने पर भी विचार कर रहा है। हाल ही में इस्लामाबाद में इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री और पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख के बीच बैठक हुई, जिसमें JF-17 और पाकिस्तानी कॉम्बैट ड्रोन पर चर्चा हुई।

भारत इंडोनेशिया को दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ एक अहम रणनीतिक साझेदार मानता है। ऐसे में पाकिस्तान-चीन से जुड़े सैन्य प्लेटफॉर्म में इंडोनेशिया की रुचि नई दिल्ली के लिए चिंता का विषय है।

ब्रह्मोस मिसाइल क्यों है अहम?

ब्रह्मोस भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। (Indonesia jf-17 Pakistan brahmos india) इसकी खासियतें ये हैं कि रेंज, लगभग 300 किमी, स्पीड, मैक 3 से अधिक, फायर-एंड-फॉरगेट सिस्टम— जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च की क्षमता है।

भारत के लिए ब्रह्मोस एक रणनीतिक गेम-चेंजर मानी जाती है। इंडोनेशिया इसे खासतौर पर नतुना सागर में अपनी समुद्री सुरक्षा मजबूत करने के लिए खरीदना चाहता है। इससे पहले फिलीपींस भी ब्रह्मोस को शामिल कर चुका है।

भारत-इंडोनेशिया के बीच विश्वास पर असर

भारतीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रह्मोस सौदे के साथ-साथ JF-17 पर विचार करना इंडोनेशिया की “मल्टी-वेक्टर” रणनीति को दिखाता है, लेकिन इससे भारत-इंडोनेशिया के बीच विश्वास पर असर पड़ सकता है। (Indonesia jf-17 Pakistan brahmos india) ब्रह्मोस सौदा लगभग तय माना जा रहा है और केवल रूस की औपचारिक मंजूरी बाकी है। 2025 के गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान भी इस पर चर्चा हुई थी।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या इंडोनेशिया दोनों सौदे साथ लेकर चलेगा, या किसी एक को प्राथमिकता देगा? कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम वैश्विक हथियार बाजार में बदलते संतुलन को दर्शाता है, जहां चीन और पाकिस्तान नए विकल्प बनकर उभर रहे हैं और अमेरिका का एकाधिकार धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है।


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com