छत्रपति संभाजीनगर, 30 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सह-जीवन संबंध में रह रहे एक दंपति ने कथित तौर पर अपने लगभग एक महीने के शिशु को 1.2 लाख रुपये में बेच दिया, जिसके बाद उस शिशु को हैदराबाद ले जाए जाने से पहले कई बार अलग-अलग लोगों को बेचा गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने कहा कि मजदूरी करने वाले माता-पिता ने कथित तौर पर बच्चे को बेचने के बाद मिले पैसों से मोबाइल फोन और सोना खरीदा। पुलिस के अनुसार बच्चे को बचा लिया गया है और यहां एक अनाथालय में रखा गया है।
कथित अपराध के संबंध में दंपति सहित सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
शिशु की बिक्री और पुन:बिक्री का मामला तब सामने आया जब मां ने पुलिस से संपर्क किया और आरोप लगाया कि कौशल्या पवार और उनकी बेटी, सीमा रेशवाल, ने पांच जुलाई को जन्मे उसके बच्चे को सात अगस्त को ले लिया।
जांच अधिकारी हरेश्वर घुगे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि महिला ने आरोप लगाया है कि दो महिलाओं ने उसे और उसके सह-जीवन साथी को कुछ कागजों पर दस्तखत करने और उन्हें 1.2 लाख रुपये नकद लेने के लिए मजबूर किया, जिसके बाद 23 सितंबर को मुकुंदवाड़ी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।
अधिकारी ने कहा, “माता-पिता के बीच सह-जीवन संबंध हैं और वे मजदूरी करते हैं। पुरुष को शराब पीने की लत है। उन्होंने बच्चे को 1.2 लाख रुपये में बेच दिया। इसके तुरंत बाद, उन्होंने 25,000 रुपये में दो मोबाइल फोन और 62,000 रुपये का सोना खरीदा।”
पुलिस ने बताया कि कौशल्या बच्चे की मां को जानती थी क्योंकि उन्होंने साथ काम किया था।
पहले गैर-कानूनी सौदे के बाद बच्चा तीन और लोगों के हाथों से गुजरा।
घुगे ने कहा, “सीमा ने बच्चे को संगीता अव्हाड नाम की महिला को 2.7 लाख रुपये में बेच दिया। संगीता ने 3.5 लाख रुपये लेने के बाद बच्चे को तेलंगाना के जगतियाल जिले के सुरेश गुंटुका को सौंप दिया।”
अधिकारी ने बताया कि 1.5 लाख रुपये के “मुनाफे” में से कौशल्या ने 1.1 लाख रुपये अपने पास रखे, जबकि सीमा को 40,000 रुपये मिले। कहा जा रहा है कि उन्होंने इस पैसे का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने के लिए किया।
इस बीच, सुरेश ने हैदराबाद में एक महिला रिश्तेदार को बच्चा सौंप दिया। अधिकारी ने बताया, “उसने 3.5 लाख रुपये लिए क्योंकि वह बस एक बिचौलिए की भूमिका निभाना चाहता था। कपड़ों का कारोबार करने वाली वह महिला बच्चे के लिए बहुत बेताब थी, क्योंकि इलाज के बावजूद वह गर्भवती नहीं हो पा रही थी।”
पुलिस ने बताया कि महिला बच्चे को बहुत स्नेह करने लगी। घुगे ने कहा, “उसने बच्चा पाने के लिए बस गलत रास्ता चुना।”
उन्होंने कहा कि इस मामले में उस दंपति, कौशल्या, सीमा, संगीता, सुरेश और हैदराबाद की महिला को गिरफ्तार किया गया है।
जब यह पूछा गया कि क्या आरोपी ऐसे ही दूसरे मामलों में भी शामिल थे, तो घुगे ने कहा, “इस मामले से जुड़ी कोई और कड़ी नहीं हैं, और हमें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे किसी आरोपी का संबंध ऐसे ही दूसरे मामलों से जुड़ता हो।”
उन्होंने कहा कि फिलहाल बच्चे को छत्रपति संभाजीनगर के एक अनाथालय में रखा गया है और जिला बाल कल्याण समिति आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला करेगी।
भाषा प्रशांत पवनेश
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