घुसपैठ मामला: एनआईए ने अमेरिकी नागरिक, अन्य विदेशियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया
घुसपैठ मामला: एनआईए ने अमेरिकी नागरिक, अन्य विदेशियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया
(स्लग में बदलाव के साथ)
नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मंगलवार को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक समेत सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
इन सभी विदेशी नागरिकों पर भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने, ठहरने और आवाजाही के आरोप हैं। हालांकि, जातीय सशस्त्र समूहों से कथित संबंधों वाले आतंकी साजिश मामले में गिरफ्तारी के बाद भी एजेंसी ने उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं नहीं लगाई हैं।
एनआईए ने विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें सात लोगों पर आव्रजन एवं विदेशी (नागरिक) अधिनियम की धारा 21 और 23 के तहत आरोप लगाये गये हैं।
एनआईए ने 13 मार्च को डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों — कामिन्स्की विक्टर, हर्बा पेट्रो, स्लीवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफनकिव मारियन और होंचारुक मक्सिम — को गिरफ्तार किया था। इन लोगों ने कथित तौर पर म्यांमा से मिजोरम सीमा के रास्ते भारत में घुसपैठ की थी और बाद में देश के अलग-अलग घरेलू हवाई अड्डों पर उन्हें पकड़ा गया था।
आरोप है कि यह समूह भाड़े के लड़ाकों के तौर पर काम कर रहा था।
एनआईए ने पहले ही उनके खिलाफ यूएपीए के प्रावधानों और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
हालांकि, आरोपपत्र में उन पर यूएपीए कानून के तहत आरोप नहीं लगाए गए।
एजेंसी ने पूर्व में अदालत को बताया था कि आरोपियों से एक बड़ी आतंकी साज़िश के सिलसिले में पूछताछ की जा रही है, जिसमें भारत और म्यांमा में जातीय सशस्त्र समूहों की मदद करना और उन्हें ड्रोन का प्रशिक्षण देना शामिल है।
आरोपपत्र में कहा गया है, ‘‘यूएपीए अधिनियम, 1967 के तहत किए गए अपराधों की जांच का एक बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘आगे की जांच चल रही है और यूएपीए के तहत अपराधों के बारे में सटीक और पूरी जानकारी का पता लगाने और उसकी पुष्टि करने में और समय लगेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारी मात्रा में ड्रोन और उनके पुर्जे बरामद किए गए हैं तथा बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है…।’’
इसमें कहा गया है कि आगे की जांच से ‘‘भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को प्रभावित करने या खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों में, या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले तरीके से भारत के लोगों के किसी भी वर्ग में दहशत फैलाने वाली गतिविधियों में उनकी संभावित संलिप्तता का संकेत मिल सकता है।’’
आरोपपत्र में कहा गया है, ‘‘जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी वैन डाइक और गिरफ्तार किए गए अन्य यूक्रेनी नागरिक टूरिस्ट वीजा लेकर दिसंबर 2025 में भारत आये थे और उसके बाद म्यांमा के जातीय सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण देने के लिए म्यांमा सीमा पार करके विक्टोरिया कैंप पहुंचे थे।’’
अदालत ने मामले की आगे की कार्यवाही के लिए एक अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।
अदालत ने 16 मार्च को एनआईए की दलीलों से सहमत होते हुए आरोपियों को 11 दिन के लिए उसकी हिरासत में भेजने की मंजूरी दी थी। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
भाषा सुभाष नरेश
नरेश

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