जून में बांग्लादेशी एयरलाइन के ‘अनजाने हवाई उल्लंघन’ की जानकारी साझा की गई: सरकार

जून में बांग्लादेशी एयरलाइन के 'अनजाने हवाई उल्लंघन' की जानकारी साझा की गई: सरकार

जून में बांग्लादेशी एयरलाइन के ‘अनजाने हवाई उल्लंघन’ की जानकारी साझा की गई: सरकार
Modified Date: August 1, 2025 / 10:24 pm IST
Published Date: August 1, 2025 10:24 pm IST

नयी दिल्ली, एक अगस्त (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि भारत ने जून में बांग्लादेश की एक घरेलू एयरलाइन द्वारा ‘अनजाने में हवाई सीमा उल्लंघन’ का मामला पड़ोसी देश के समक्ष उठाया है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकें।

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने सदन में पूछे गये एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी कहा कि भारत सरकार ने बांग्लादेशियों द्वारा अवैध रूप से सीमा पार करने की ‘निरंतर घटनाओं’ पर ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि दिसंबर 2024 में, भारत सरकार ने अंतरिम सरकार के एक सलाहकार द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट की कड़ी निंदा की और उस पर विरोध जताया, जिसमें बांग्लादेश का ‘गलत नक्शा’ दिखाया गया था। उन्होंने कहा कि यह भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का ‘उल्लंघन’ था।

राज्य मंत्री ने कहा, ‘इसके अलावा, भारत सरकार ने जून 2025 में बांग्लादेश की एक घरेलू एयरलाइन द्वारा अनजाने में हवाई सीमा उल्लंघन का मामला (पड़ोसी देश के समक्ष) उठाया, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।’

प्रश्न के एक अन्य भाग के उत्तर में, मार्गेरिटा ने कहा कि केंद्र भारत के राष्ट्रीय हितों को प्रभावित करने वाले सभी घटनाक्रमों पर ‘लगातार नज़र’ रखता है और उनकी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करता है।

रक्षा उत्पादन से लेकर तकनीकी नवाचार तक, आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करते हुए, भारत ‘अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को मज़बूत कर रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार भारतीय मछुआरों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। सरकार भारतीय मछुआरों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं की शीघ्र रिहाई और स्वदेश वापसी सहित मछुआरों से संबंधित सभी मुद्दों को राजनयिक माध्यमों, विभिन्न आधिकारिक बातचीत और स्थापित द्विपक्षीय तंत्रों के माध्यम से संबंधित सरकारों के साथ उठा रही है।’’

विदेश राज्य मंत्री ने आगे कहा, ‘‘हमारी सभी बातचीत में यह बात स्पष्ट रूप से कही गई है कि इस मुद्दे पर विशुद्ध रूप से मानवीय और आजीविका के आधार पर विचार किया जा सकता है और किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग से बचा जाना चाहिए।’’

अपने जवाब में, उन्होंने विदेशी जेलों, खासकर श्रीलंका, पाकिस्तान या बांग्लादेश की जेलों में बंद मछुआरों का विवरण भी साझा किया।

आंकड़ों के अनुसार, श्रीलंका में 56 भारतीय मछुआरे और बांग्लादेश में 34 भारतीय मछुआरे जेल में हैं।

भाषा सुरेश पवनेश

पवनेश


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