शुरुआत में ‘नमक इस्क का’ नहीं गाना चाहती थीं : रेखा भारद्वाज

शुरुआत में ‘नमक इस्क का’ नहीं गाना चाहती थीं : रेखा भारद्वाज

शुरुआत में ‘नमक इस्क का’ नहीं गाना चाहती थीं : रेखा भारद्वाज
Modified Date: June 19, 2026 / 05:30 pm IST
Published Date: June 19, 2026 5:30 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) रेखा भारद्वाज का कहना है कि वह शुरू में ‘ओमकारा’ में ‘नमक इस्क का’ नहीं गाना चाहती थीं, लेकिन निर्देशक-संगीतकार विशाल भारद्वाज उनको इस फिल्म में लेने को इच्छुक थे।

भारद्वाज ने रेखा से इस गाने को पहले गंवाया था और उसे अपने मोटोरोला फ्लिप फोन पर रिकार्ड किया था।

मध्यकाल के मशहूर अंग्रेजी नाटककार विलियम शेक्सपियर के नाटक ‘ओथेलो’ पर आधारित फिल्म ‘ओमकारा’ के निर्माण के दौरान विशाल भारद्वाज अक्सर अपनी पत्नी और गायिका रेखा भारद्वाज के साथ संगीत की रचना और गीतों को लेकर चर्चा करते थे।

रेखा भारद्वाज ने बताया कि ‘नमक इस्क का’ गीत में जो ऊंचे सुर सुनाई देते हैं, वे शुरुआत में इस गाने का हिस्सा नहीं थे।

रेखा भारद्वाज ने कहा, “जब ‘नमक इस्क का’ बना, तो वास्तव में यह मेरी एक उपलब्धि थी। विशाल उस समय गीतों की तैयारी और धुनें बनाने में व्यस्त थे। उनके पास बहुत कम समय होता था, इसलिए जब भी वह एक-दो पंक्तियां तैयार करते, मेरे पास आकर उन्हें गाकर सुनाते और पूछते, ‘क्या यह अच्छा लग रहा है? क्या इसे और आगे बढ़ाना चाहिए?’”

गायिका ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, “’नमक इस्क का’ से पहले मैं ज्यादातर भावनात्मक, उदास और रूहानी गीत ही गाती थी, क्योंकि मुझे लगता था कि मैं सिर्फ इसी तरह के गाने गा सकती हूं।”

रेखा भारद्वाज के अनुसार, उस समय उनका ‘रियाज़’ अपने चरम पर था और विशाल भारद्वाज अक्सर फिल्म के लिए तैयार किए गए अपने गीत उनकी आवाज में सुनते थे।

विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओमकारा’ 28 जुलाई को अपने जारी होने के 20 वर्ष पूरे करने जा रही है।

फिल्म ‘ओमकारा’ में अजय देवगन, सैफ अली खान, करीना कपूर खान, विवेक ओबेरॉय, बिपाशा बसु, कोंकणा सेन शर्मा, नसीरुद्दीन शाह और दीपक डोबरियाल ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई थीं।

वर्ष 2006 में रिलीज हुई यह अपराध-प्रधान ड्रामा फिल्म हिंदी सिनेमा में साहित्यिक कृतियों के सर्वश्रेष्ठ रूपांतरणों में से एक मानी जाती है।

फिल्म ‘ओमकारा’, विशाल भारद्वाज की शेक्सपियर पर आधारित फिल्म त्रयी की दूसरी फिल्म थी। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2003 में ‘मैकबेथ’ से प्रेरित फिल्म ‘मकबूल’ बनाई थी, जबकि इसके बाद वर्ष 2014 में ‘हैमलेट’ पर आधारित फिल्म ‘हैदर’ रिलीज हुई थी।

भाषा तान्या माधव

माधव


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