अंतरिक्ष, एआई और अन्य प्रौद्योगिकियों का एकीकरण तय करेगा देश का भू-राजनीतिक भविष्य: शेखावत

अंतरिक्ष, एआई और अन्य प्रौद्योगिकियों का एकीकरण तय करेगा देश का भू-राजनीतिक भविष्य: शेखावत

अंतरिक्ष, एआई और अन्य प्रौद्योगिकियों का एकीकरण तय करेगा देश का भू-राजनीतिक भविष्य: शेखावत
Modified Date: August 23, 2026 / 04:49 pm IST
Published Date: August 23, 2026 4:49 pm IST

अहमदाबाद, 23 अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रविवार को कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों का एकीकरण किसी देश की भू-राजनीतिक स्थिति तय करेगा।

तीसरे ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ के अवसर पर यहां आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने यह भी कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ने का मतलब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जैसी संस्थाओं के महत्व को कम करना नहीं है।

अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (एसएसी), इसरो और विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शेखावत ने अंतरिक्ष क्षेत्र के निजीकरण को ‘‘अंतरिक्ष से जुड़े अवसरों का लोकतंत्रीकरण’’ बताया।

उन्होंने कहा कि आज का दौर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, उन्नत सामग्री, सेमीकंडक्टर और उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग का है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में निश्चित रूप से जीवन में बड़े बदलाव आएंगे।

शेखावत ने कहा, ‘‘जिस तरह विज्ञान अंततः एक पिरामिड के रूप में एकीकृत हो रहा है, उसी तरह आने वाले वर्षों में ये सभी तकनीकी क्षेत्र अलग-अलग नहीं रहेंगे। इनका एकीकरण मानव जीवन की दिशा, वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक स्थिति तय करेगा।’’

भाषा शफीक संतोष

संतोष


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