नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) राज्यसभा में शुक्रवार को भाजपा के एक सांसद ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने दूरदर्शिता दिखाते हुए काफी पहले से ही जो कदम उठाये थे, उसी के कारण आज देश तेल संकट झेल पा रहा है तथा डीजल एवं पेट्रोल पर उत्पाद कर घटाकर उपभोक्ताओं पर कोई बोझ नहीं डाला गया है।
उच्च सदन में वित्त विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए भारतीय जनता पार्टी के संजय सेठ ने कहा कि एक समय भारत विश्व की पांच कमजोर अर्थव्यवस्था में गिना जाता था और आज यह सबसे तेज आर्थिक विकास करने वाला बन गया है।
उन्होंने कहा कि आज विश्व जिस अनिश्चितता से गुजर रहा है और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा संकट पैदा हो गया है, ऐसे में वित्त विधेयक आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सेठ ने कहा कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत बढ़ने के बाद विश्व के कई देशों ने तेल के दाम बढ़़ाए किंतु भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने अपने संसाधनों की मदद से देश के भीतर तेल के दाम नहीं बढ़ने दिये और जनता पर कोई बोझ नहीं डाला गया।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने यह काम एक दिन में नहीं किया और दूरदर्शिता दिखाते हुए काफी समय पहले से काम शुरू किया। उन्होंने कहा कि आज भारत में 60 दिनों का तेल भंडार है, साथ ही तेल में इथेनॉल मिश्रण तथा रेलवे में विद्युतीकरण को बढ़ावा देकर आयातित तेल पर निर्भरता कम की गयी है।
भाजपा सांसद ने कहा कि आज 4.3 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा है जबकि सरकार ने करोड़ों रूपये के आयल बॉण्ड का धन चुकाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना काल में पूरे नागरिकों का निशुल्क टीकाकरण करवाया, वहीं लोगों को मुफ्त इलाज मुहैया कराया गया।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कराधान के नियमों में जो सुधार किए है, उससे व्यापारियों सहित विभिन्न करदाताओं की सुविधाएं बढ़ गयी हैं। इससे कर वसूली को बढ़ावा देने में मदद मिली है।
भाषा
माधव मनीषा
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