केरलम में बिजली संकट के लिए यूडीएफ सरकार की आलोचना करना जल्दबाजी होगी: केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी
केरलम में बिजली संकट के लिए यूडीएफ सरकार की आलोचना करना जल्दबाजी होगी: केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी
कोच्चि, 19 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने शनिवार को कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार की आलोचना करने का अभी समय नहीं आया है और केरलम में बिजली संकट पर चर्चा करते समय पिछले 10 साल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार की भूमिका को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
यहां संवाददाताओं से बातचीत में गोपी ने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने खुद कहा है कि पिछले दो दिनों में केंद्रीय पूल से बिजली मिलने के बाद कमी की गंभीरता कम हुई है। पिछले 10 साल में जो हुआ उसे भी ध्यान में रखना चाहिए। यूडीएफ सरकार की आलोचना करने का समय अभी नहीं आया है। इसे आने दीजिए। चीजें हमारे सामने स्पष्ट होने दीजिए। यह सोचना कि आपकी सुविधा के लिए हमें उनकी आलोचना करनी चाहिए, दुर्भावनापूर्ण मंशा है।’
गोपी से जब उन आरोपों के बारे में पूछा गया कि यूडीएफ सरकार की आलोचना न करने का उनका फैसला कांग्रेस-भाजपा के बीच किसी समझौते से जुड़ा है, तो उन्होंने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन द्वारा पर्यटन परियोजना को लागू करने की सराहना करने संबंधी उनकी पिछली टिप्पणी को भी गलत तरीके से पेश किया गया।
गोपी ने कहा, ‘मुख्यमंत्री को जानकारी देने के बाद बाधाएं दूर कर दी गईं। आप तुरंत इसे ‘समझौते’ का रूप क्यों देते हैं? यह आपकी राजनीति है। मैं इस आरोप को पूरी तरह खारिज करता हूं।’
लियोनेल मेस्सी की भागीदारी वाले असफल फुटबॉल आयोजन में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत मलयालम टीवी चैनल ‘रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी’ (आरबीसी) के कार्यालय में हुई तलाशी पर गोपी ने कहा कि सभी नागरिकों के मामले में इसी तरह छापेमारी की जाती है।
उन्होंने कहा, ‘क्या आपने नहीं देखा कि गुंडा मानसिकता वाले लोगों ने तलाशी के लिए आए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के साथ कैसा व्यवहार किया? आपने भी देखा है, है न?’
गोपी ने यह टिप्पणी मई में ‘कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (सीएमआरएल) धनशोधन मामले में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी से जुड़े मामले की जांच के तहत उनके आवास पर तलाशी के बाद लौट रहे ईडी अधिकारियों पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) कार्यकर्ताओं द्वारा कथित हमले के संदर्भ में की।
भाषा
शुभम संतोष
संतोष

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