भारत के साथ रिश्तों को प्रगाढ़ करने 6 दशक लगा दिए, विदेश मंत्री जयशंकर का अमेरिका पर शानदार तंज

भारत के साथ रिश्तों को प्रगाढ़ करने 6 दशक लगा दिए, विदेश मंत्री जयशंकर का अमेरिका पर शानदार तंज

भारत के साथ रिश्तों को प्रगाढ़ करने 6 दशक लगा दिए, विदेश मंत्री जयशंकर का अमेरिका पर शानदार तंज
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: July 12, 2020 3:34 am IST

नई दिल्ली। भारत-चीन तनाव के बाद पहली बार विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बड़ा बयान दिया है। जयशंकर ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा है कि अमेरिका ने अब भारत की कीमत समझी है, उम्मीद है कि अब अमेरिका को अपने गुना-गणित के हिसाब से भी भारत की दोस्ती ठीक लग रही होगी। जयशंकर ने इशारों-इशारों में यह बात इंडिया ग्‍लोबल वीक 2020 में बातचीत के दौरान कही।

पढ़ें- अमेरिकी कंपनी ने भारत को 22 अपाचे और 15 चिनूक हेलीकॉप्टर्स की डिलीव…

विदेश मंत्री ने कहा कि ‘भारत-अमेरिका के रिश्‍तों की दिशा क्या हो, यह सुनिश्चित होने में 6 दशक लग गए, मगर बीते वक्त में हुए नुकसान की भरपाई भी हो रही है।’ विदेश मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा, ‘उम्मीद है कि अमेरिका के लिए भारत की दोस्ती उस गुना-गणित के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित होगी जिसके जरिए वह दुनिया को तौला करता है।’

पढ़ें- अमेरिका में कोरोना से 1.34 लाख लोगों की मौत, अब ट्र.

गौरतलब है कि भारत-अमेरिका के प्रगाढ़ हो रहे रिश्ते से चीन को भी साफ संदेश मिल चुका है। यानी, विदेश मंत्री ने एक तीर से दो-दो शिकार कर डाले। एक तरफ अमेरिका पर तंज तो दूसरी तरफ चीन को चेतावनी। उन्‍होंने कई अन्य देशों संग भारत के बेहतरीन संबंधों का भी जिक्र किया।

पढ़ें- पाकिस्तान को बड़ा झटका, यूरोप के बाद अमेरिका ने भी पाक एयरलाइंस पर …

अमेरिका के सवाल पर विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले चार राष्‍ट्रपतियों ने भारत के साथ रिश्‍ते मजबूत करने पर बल दिया और इसी का नतीजा है कि आज दोनों देशों के संबंध बेहद मजबूत हैं। जयशंकर ने कहा, ‘यूएस के कम से कम चार राष्ट्रपति- बराक ओबामा, जॉर्ज बुश, डोनाल्ड ट्रंप और बिल क्लिंटन, सभी इस बात पर सहमत थे कि भारत के साथ संबंध मजबूत किए जाएं जबकि कोई भी चार व्यक्ति एक जैसा नहीं हो सकते।’

पढ़ें- विकास दुबे के पिता ने एनकाउंटर को ठहराया सही, बोले-हमारी कहा मानता,.

उन्‍होंने आगे कहा, ‘हो सकता है इसमें से कुछ हमारे चार्म की वजह से हुआ हो मगर मुझे लगता है कि इसमें उनकी सोच की बड़ी भूमिका है। हमारे और अमेरिका के बीच बड़े गहरे राजनीतिक, रणनीतिक, सुरक्षा, तकनीक, डिफेंस और आर्थिक रिश्‍ते हैं।’
कई देशों से रिश्‍तों का दिया हवाला।

 


लेखक के बारे में