आईयूएमएल विधायक फातिमा तहलिया ने महिला सशक्तीकरण का समर्थन किया, कांतापुरम को निशाना बनाने का विरोध

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आईयूएमएल विधायक फातिमा तहलिया ने महिला सशक्तीकरण का समर्थन किया, कांतापुरम को निशाना बनाने का विरोध

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  • Publish Date - September 6, 2026 / 03:32 PM IST,
    Updated On - September 6, 2026 / 03:32 PM IST

कोझिकोड (केरल), छह सितंबर (भाषा) इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की पहली महिला विधायक फातिमा तहलिया ने रविवार को महिला सशक्तीकरण के प्रति अपना समर्थन दोहराया, लेकिन महिलाओं के सार्वजनिक मंचों पर आने संबंधी टिप्पणी को लेकर इस्लामी विद्वान कांतापुरम एपी अबूबकर मुसलियार को निशाना बनाए जाने का विरोध किया।

तहलिया ने कांग्रेस-नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) उम्मीदवार के तौर पर पेराम्बरा विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की है।

कांतापुरम की उस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से ‘‘बड़ा विनाश’’ होगा, तहलिया ने कहा कि उन्होंने लगातार महिला सशक्तीकरण के पक्ष में आवाज उठाई है।

उन्होंने कहा, ‘‘तब, अब और हमेशा, मैं इस मुद्दे पर, खासकर महिला सशक्तीकरण के लिए, आवाज उठाने वाली व्यक्ति रही हूं। आप सभी यह जानते हैं।’’

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनका रुख अब भी वही है और वह महिलाओं तथा बच्चों से जुड़े मुद्दों पर काम करती रहेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर विशेष रूप से कुछ कहने की जरूरत नहीं है। मेरा रुख पहले जैसा ही है। मैं आज भी उसी रुख पर कायम हूं।’’

तहलिया ने कहा कि महिलाओं से जुड़े किसी मुद्दे के सामने आने पर हर बार टिप्पणी करना उन्हें जरूरी नहीं लगता, क्योंकि इस संबंध में उनका रुख पहले से स्पष्ट है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हर बार कोई मुद्दा उठने पर मुझे सामने आकर टिप्पणी करने की जरूरत है। मैंने पहले भी अपना रुख स्पष्ट किया है और आज भी उसी रुख पर कायम हूं।’’

हालांकि, उन्होंने कहा कि वह कांतापुरम की टिप्पणी को लेकर उन्हें निशाना बनाए जाने से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वह एक महान विद्वान हैं। मैं उन्हें निशाना बनाने, उनका अपमान करने या उन्हें अलग से निशाना बनाए जाने से कभी सहमत नहीं हो सकती।’’

उन्होंने इस बारे में और कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

के. मुरलीधरन सहित कांग्रेस के नेताओं ने इससे पहले महिलाओं के संबंध में कांतापुरम की टिप्पणी का विरोध करते हुए तहलिया के चुनाव में जीत को महिला सशक्तीकरण के प्रतीक के तौर पर पेश किया था।

भाषा अमित सुरेश

सुरेश