(NSE IPO Latest News/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: NSE IPO Latest News: करीब 10 साल के लंबे इंतजार के बाद National Stock Exchange (NSE) के IPO को (NSE IPO Latest News) मंजूरी मिल गई है। प्रस्तावित इश्यू का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है जो रिलायंस जियो के प्रस्तावित IPO के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा IPO हो सकता है। ग्रे मार्केट में भी NSE IPO को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
NSE का IPO पूरी तरह Offer for Sale यानी OFS होगा। इसमें मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचेंगे। करीब 14.89 करोड़ शेयर (NSE IPO Latest News) बिक्री के लिए रखे जा सकते हैं जो NSE की पेड-अप कैपिटल का लगभग 6 फीसदी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, IPO 18 सितंबर को खुल सकता है और इसकी लिस्टिंग करीब 25 सितंबर को होने की संभावना है। NSE के शेयर BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।
NSE IPO के संभावित प्राइस बैंड को लेकर भी बाजार में चर्चा तेज है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसकी कीमत 1,800 रुपये से 2,100 रुपये प्रति शेयर के बीच रह सकती है। अंतिम प्राइस बैंड और इश्यू से जुड़ी अन्य जानकारी आधिकारिक दस्तावेजों और घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। निवेशकों को सिर्फ ग्रे मार्केट के संकेतों के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए।
इस IPO में कई मौजूदा निवेशक (NSE IPO Latest News) अपनी हिस्सेदारी घटा सकते हैं। इनमें State Bank of India और Bank of Baroda जैसे सरकारी बैंक शामिल हैं। New India Assurance, National Insurance Company और United India Insurance Company भी शेयर बेचने वाले निवेशकों में शामिल हो सकते हैं। वहीं, LIC इस IPO में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहा है। Premji और Radhakishan Damani भी अपने शेयर बेचने वालों में शामिल नहीं हैं।
NSE के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 7 फीसदी बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये रहा। कुल आय भी करीब 9 फीसदी बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये पहुंच गई। ग्रे मार्केट में NSE IPO का GMP शनिवार को 310 रुपये तक पहुंचा था, जबकि रविवार को यह करीब 286 रुपये पर आ गया।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।