उप्र: राप्ती नदी के तट पर गुंबदनुमा ढांचा ढहने से एक अधिवक्ता की मौत, एक अन्य व्यक्ति घायल

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उप्र: राप्ती नदी के तट पर गुंबदनुमा ढांचा ढहने से एक अधिवक्ता की मौत, एक अन्य व्यक्ति घायल

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  • Publish Date - September 6, 2026 / 04:46 PM IST,
    Updated On - September 6, 2026 / 04:46 PM IST

गोरखपुर, छह सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में राप्ती नदी के किनारे स्थित गुरु गोरखनाथ घाट पर रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक गुंबदनुमा ढांचा ढहने की घटना में एक अधिवक्ता की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, मौसम में अचानक बदलाव के बीच श्मशान घाट परिसर में आकाशीय बिजली गिरने से यह हादसा हुआ।

उन्होंने बताया कि बिजली गिरने के प्रभाव से अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों के लिए बने गुंबदनुमा शेड का एक हिस्सा टूटकर गिर गया, जिसके नीचे बैठे दो अधिवक्ता मलबे में दब गए।

अधिकारी ने बताया कि घाट पर मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर दोनों घायलों को बाहर निकालकर इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान राप्ती नगर निवासी आलोक अस्थाना (45) के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि घायल अधिवक्ता संजय सिंह (शक्ति नगर कॉलोनी निवासी) को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों अधिवक्ता अपने साथी अधिवक्ता विनोद तिवारी की मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे और दाह संस्कार के दौरान वे शेड के नीचे बैठे थे कि तभी आकाशीय बिजली गिरने से ढांचा ढह गया।

गोरखपुर के जिलाधिकारी (डीएम) दीपक मीणा ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बिजली गिरने से ढांचे का एक हिस्सा गिर गया।

उन्होंने स्थल के तकनीकी निरीक्षण के आदेश दिए और अधिकारियों को ढांचे की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए।

प्रशासन ने एंबुलेंस सेवा में देरी की शिकायतों की जांच के भी आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27.85 करोड़ रुपये की लागत से विकसित गुरु गोरखनाथ घाट का उद्घाटन 16 फरवरी 2021 को किया था।

अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद घाट परिसर में बने अन्य गुंबदनुमा ढांचों की सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती की जांच कराने का फैसला किया गया है। भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र