यूडीएफ जीता तो आईयूएमएल का होगा शासन : एसएनडीपी नटेसन

यूडीएफ जीता तो आईयूएमएल का होगा शासन : एसएनडीपी नटेसन

यूडीएफ जीता तो आईयूएमएल का होगा शासन : एसएनडीपी नटेसन
Modified Date: April 30, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: April 30, 2026 5:59 pm IST

अलाप्पुझा(केरल), 30 अप्रैल (भाषा)श्री नारायण धर्म परिपालन(एसएनडीपी) योगम के नेता वेल्लापल्ली नटेसन ने बृहस्पतिवार को कहा कि आईयूएमएल द्वारा मुख्यमंत्री पद के लिए निवर्तमान राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन को समर्थन दिया जाना, इस बात का संकेत है कि यदि यूडीएफ चुनावों में जीतता है, तो सत्ता आईयूएमएल की होगी।

नटेसन ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) अध्यक्ष सादिक अली शिहाब थंगल द्वारा संवाददाताओं के समक्ष दिये गए बयान के संदर्भ में यह टिप्पणी की। थंगल ने कहा था कि एग्जिट पोल में सतीशन को अगले मुख्यमंत्री के रूप में दी गई प्रमुखता जनता के दृष्टिकोण को दर्शाती है और कांग्रेस हमेशा जनता की राय पर विचार करती है।

एसएनडीपी योगम के नेता ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में सतीशन को आईयूएमएल का प्रवक्ता करार देते हुए कहा कि इसीलिए लीग उनका समर्थन कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘आईयूएमएल को यह नहीं कहना चाहिए था कि कांग्रेस का मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन होना चाहिए, लेकिन उनकी टिप्पणी से संकेत मिलता है कि अगर यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) सत्ता में आता है, तो लीग का शासन होगा, और अगर ऐसा होता है, तो राज्य में अराजकता फैल जाएगी।’’

नटेसन ने कहा कि अगर विधानसभा चुनाव में यूडीएफ जीतता है और लीग अपने लिए मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री पद की मांग करती है तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।

उन्होंने लगाया, ‘‘कांग्रेस उसे वह सब कुछ देगी जो वे चाहते हैं। मंत्रियों और उनके विभागों का फैसला भी थंगल ही करेंगे।’’

नटेसन ने कांग्रेस में यूडीएफ की जीत की स्थिति में मुख्यमंत्री पद को लेकर कथित आंतरिक कलह की भी आलोचना की। उन्होंने कहा,‘‘ सोचिए अगर वे सत्ता में आ गए तो क्या होगा। वे हमेशा आपस में लड़ते रहेंगे।’’

नटेसन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने केरल विधानसभा चुनावों में भारी मात्रा में पैसा खर्च किया जबकि वामपंथी दलों के पास कोई धनराशि नहीं थी और जमीनी स्तर पर उनके कार्यकर्ताओं ने भी एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) के लिए ठीक से प्रचार नहीं किया।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि वाम मोर्चा 10 साल सत्ता में रहने के दौरान सोया रहा। दूसरी ओर, भाजपा का जमीनी स्तर पर काम बहुत अच्छा रहा है। राजीव चंद्रशेखर के आने के बाद से इसके कामकाज में काफी सुधार हुआ है।’’

नटेसन ने यह भी कहा कि एग्जिट पोल हमेशा सही नहीं होते हैं, और चार मई तक इंतजार करना बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि वाम मोर्चे की सत्ता में वापसी होगी।

उन्होंने दावा किया, ‘‘मैं चाहता हूँ कि पिनाराई विजयन सत्ता में वापस आएं। वह एक अच्छे इंसान हैं। लेकिन उनका कार्यालय ठीक नहीं है। वहाँ आम लोगों की पहुँच नहीं है। उन्हें पता ही नहीं होता कि वहाँ क्या चल रहा है।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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