जेल में बंद पंजाब के सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद सत्र में भाग लेने के लिए पैरोल मांगी
जेल में बंद पंजाब के सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद सत्र में भाग लेने के लिए पैरोल मांगी
चंडीगढ़, 21 जनवरी (भाषा) खडूर साहिब के जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद के आगामी बजट सत्र में भाग लेने के लिए पैरोल का अनुरोध करते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।
बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा।
अमृतपाल के वकील इमान सिंह खारा ने बुधवार को बताया कि उच्च न्यायालय बृहस्पतिवार को अमृतपाल की याचिका पर सुनवाई करेगा।
अमृतपाल (33) वर्तमान में अप्रैल 2023 से राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। उसने संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 15 (हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की अस्थायी रिहाई से संबंधित) के प्रावधानों के तहत पैरोल का अनुरोध किया है।
नई याचिका के अनुसार, अमृतपाल पंजाब में 2025 की बाढ़ और मादक पदार्थों के दुरुपयोग में तेजी से वृद्धि सहित विभिन्न मुद्दों को उजागर करना चाहता है, साथ ही अपने निर्वाचन क्षेत्र खडूर साहिब में विकास संबंधी मुद्दों को भी उठाना चाहता है।
इससे पहले भी अमृतपाल ने संसद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, उसकी याचिका निष्फल हो गई, क्योंकि पिछले महीने सत्र समाप्त होने तक इस मामले पर बहस अधूरी रही।
खालिस्तानी उग्रवादी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तर्ज पर खुद को पेश करने वाले ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल को एक महीने से अधिक समय तक चले तलाशी अभियान के बाद 23 अप्रैल 2023 को मोगा जिले के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल 18 मार्च 2023 को जालंधर जिले में वाहन बदलकर और अपना हुलिया बदलते हुए पुलिस की घेराबंदी से फरार हो गया था।
पंजाब पुलिस ने 23 फरवरी, 2023 को हुई अजनाला घटना के बाद कार्रवाई शुरू की थी, जिसमें सिंह और उसके हथियारबंद समर्थक कथित तौर पर बैरिकेड तोड़कर अमृतसर शहर के बाहरी इलाके में स्थित पुलिस स्टेशन में घुस गए और अपने सहयोगियों की रिहाई के लिए पुलिस से झड़प की।
सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और खडूर साहिब सीट से जीत हासिल की थी।
अप्रैल में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत उसकी हिरासत की अवधि बढ़ा दी गई, जबकि उनके नौ सहयोगियों को, जिन्हें असम की जेल में ही हिरासत में लिया गया था, पंजाब वापस लाया गया।
इन नौ सहयोगियों को 2023 में हुए अजनाला पुलिस थाने पर हमले की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप


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