श्रीनगर की जामा मस्जिद में लगातार आठवें साल ईद की नमाज की इजाजत नहीं दी गई

श्रीनगर की जामा मस्जिद में लगातार आठवें साल ईद की नमाज की इजाजत नहीं दी गई

श्रीनगर की जामा मस्जिद में लगातार आठवें साल ईद की नमाज की इजाजत नहीं दी गई
Modified Date: May 27, 2026 / 11:51 am IST
Published Date: May 27, 2026 11:51 am IST

श्रीनगर, 27 मई (भाषा) प्रशासन ने बुधवार को लगातार आठवें वर्ष श्रीनगर के ईदगाह और पुराने शहर स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी। साथ ही मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद कर दिया गया।

मीरवाइज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘लगातार आठवें वर्ष कश्मीर के मुसलमानों को ऐतिहासिक ईदगाह/जामा मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने के अधिकार से वंचित रखा गया है, और मुझे नजरबंद कर दिया गया है।’

उन्होंने कहा कि ईद के मौके पर कश्मीर के मुसलमानों का स्वागत अवरोधकों और पाबंदियों से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘ईद के पवित्र और उत्सवपूर्ण अवसर पर कश्मीर के मुसलमानों का स्वागत अवरोधकों, पाबंदियों, बंद दरवाजों और धमकियों से किया जा रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘यह शासन नहीं है; यह हमारी धार्मिक पहचान, गरिमा और मौलिक अधिकारों पर एक सुनियोजित हमला है जो हमें बहुत आहत करता है।’

मीरवाइज ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कश्मीर में बच्चे ईदगाह में होने वाली ईद की नमाज को देखे बिना बड़े हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘एक पूरी पीढ़ी अपनी परंपराओं को जानने और उन यादों को बनाने से वंचित हो रही है जिन्होंने सदियों से हमारे सामूहिक जीवन को आकार दिया है।’

उन्होंने कहा कि ‘‘आस्था को कैद या बलपूर्वक दबाया नहीं जा सकता।’’

मीरवाइज ने कहा, ‘‘लेकिन सत्ता में बैठे लोग यह जान लें कि दुनिया की कोई भी ताकत कश्मीर के लोगों और ईदगाह, जामिया मस्जिद तथा उनके धार्मिक संस्थानों के बीच गहरे आध्यात्मिक संबंध को मिटा नहीं सकती।’’

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा


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