जम्मू कश्मीर: पांच दिन से लापता 12 वर्षीय बच्ची का शव नदी में मिला, जांच के लिए एसआईटी गठित

जम्मू कश्मीर: पांच दिन से लापता 12 वर्षीय बच्ची का शव नदी में मिला, जांच के लिए एसआईटी गठित

जम्मू कश्मीर: पांच दिन से लापता 12 वर्षीय बच्ची का शव नदी में मिला, जांच के लिए एसआईटी गठित
Modified Date: June 10, 2026 / 12:53 am IST
Published Date: June 10, 2026 12:53 am IST

जम्मू, नौ जून (भाषा) जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में पांच दिन से लापता 12 वर्षीय बच्ची का शव एक नदी में मिला जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है।

पुंछ में मंडी क्षेत्र के अधाई गांव की रहने वाली बच्ची 30 मई से लापता थी। उसके परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने अपहरण से संबंधित प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और तलाश अभियान शुरू किया।

पुंछ के पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) नीरज शर्मा ने कहा, ‘‘मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू कर दी गई। पुलिस की कई टीम गठित की गईं और विभिन्न इलाकों में व्यापक तलाश की गई।’’

उन्होंने बताया कि तीन जून को सूचना मिली कि सथरा के पास नदी में एक बच्ची का शव है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया, जिसकी बाद में परिवार के सदस्यों ने लापता बच्ची के रूप में पहचान की।

उन्होंने बताया कि शव को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों के बोर्ड ने विस्तृत पोस्टमॉर्टम किया और इसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंप दिया गया।

पुलिस ने मामले की जांच के लिए चार जून को पुंछ के पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के नेतृत्व में एसआईटी गठित की।

शर्मा ने बताया कि एसआईटी चौबीसों घंटे काम कर रही है और उसने कई डिजिटल उपकरणों की जांच की है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया है। इसके अलावा रिश्तेदारों और उन अन्य लोगों से पूछताछ की गई है, जिनके पास जांच से संबंधित जानकारी हो सकती है।

अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच में यौन शोषण के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अस्पताल से मिली प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, यौन शोषण के कोई संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, शव से लिए गए कई नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं और अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।’’

इस बीच, छात्राओं और स्थानीय निवासियों ने पुंछ के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर बच्ची के लिए न्याय और उसकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी न फैलाएं, क्योंकि ऐसे दावों से जांच प्रभावित हो सकती है।

इस बीच, दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों के एक समूह ने इस घटना के विरोध में मंगलवार को परिसर में मोमबत्ती मार्च निकाला।

इस कैंडल मार्च में जेएनयू में पढ़ रहे जम्मू कश्मीर के छात्र, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के सदस्य और कई छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

भाषा सिम्मी संतोष

संतोष


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