जम्मू-कश्मीर : बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार और लोगों की मौत

जम्मू-कश्मीर : बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार और लोगों की मौत

जम्मू-कश्मीर : बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार और लोगों की मौत
Modified Date: July 20, 2026 / 03:06 pm IST
Published Date: July 20, 2026 3:06 pm IST

जम्मू, 20 जुलाई (भाषा) जम्मू में बारिश से जुड़ी घटनाओं में सोमवार को चार और लोगों की मौत हो गई, जिससे पिछले दो दिनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि लगातार भारी बारिश के कारण कम से कम सात लोग अब भी लापता हैं वहीं बाढ़ प्रभावित पुंछ और राजौरी जिलों में बचाव एवं राहत अभियान प्रभावित हुआ।

डोडा जिले में मूसलाधार बारिश के बीच सुबह करीब साढ़े नौ बजे जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रग्गी नाला के पास एक पहाड़ी से चट्टान एक यात्री बस पर गिर गई।

उन्होंने बताया कि तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया और सात घायलों को पास के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनमें से एक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है।

इसके अलावा क्षतिग्रस्त वाहन से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है।

अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में दो निजी वाहन भी चट्टानों की चपेट में आ गए। उन वाहनों में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए।

उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में जिले के कश्तीगढ़ क्षेत्र में अपने घर के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से शिव देवी नामक महिला की मौत हो गई।

इस बीच आकस्मिक बाढ़ में बह गए विकास अहमद का शव सोमवार सुबह राजौरी शहर के सलानी क्षेत्र में नदी से बरामद किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि लगातार भारी बारिश के कारण पुंछ और राजौरी जिलों में बचाव अभियान गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। एक दिन पहले आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लापता हो गए थे।

उन्होंने बताया कि पुंछ में 10 लोगों की मौत हुई और छह अन्य लापता हैं, जबकि राजौरी में दो लोगों की जान चली गई तथा जल शक्ति विभाग का एक कर्मचारी अब भी लापता है।

अधिकारियों ने बताया कि दोनों सीमावर्ती जिलों में सोमवार तड़के करीब तीन बजे बारिश का नया दौर शुरू हुआ और अंतिम रिपोर्ट मिलने तक बारिश जारी थी।

उन्होंने बताया कि उफनते नालों, फिसलन भरी जमीन और कम दृश्यता के कारण बचाव दलों की आवाजाही बाधित हो रही है। लापता लोगों का पता लगाने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, प्रतिकूल मौसम के बावजूद पुलिस, सेना, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), नागरिक सुरक्षाकर्मी और स्थानीय स्वयंसेवक राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने तथा नदियों, झरनों, नालों और अन्य जलाशयों के निकट नहीं जाने की अपील की है।

जम्मू सहित कई अन्य जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को सभी जिला प्रशासनों को 24 जुलाई तक प्रत्येक छह घंटे में स्थिति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया, ताकि हालात पर निगरानी रखी जा सके और राहत एवं बचाव कार्यों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर में मौसम संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियों की भी समीक्षा की।

भाषा तान्या अविनाश

अविनाश


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