जम्मू-कश्मीर: 17 लाख कनाल से अधिक सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
जम्मू-कश्मीर: 17 लाख कनाल से अधिक सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
जम्मू, 12 मई (भाषा) जम्मू कश्मीर में भूमाफियाओं द्वारा 17 लाख कनाल से अधिक सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है, जिसमें जम्मू संभाग की हिस्सेदारी 14 लाख कनाल से अधिक है। वहीं, प्रदेश के सभी 20 जिलों में राजौरी जिला इस सूची में शीर्ष पर रहा है। आधिकारिक आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है।
एक कनाल, एक एकड़ का आठवां हिस्सा (0.125 एकड़) होता है। साथ ही, राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार 20 मरला मिलकर एक कनाल बनाते हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पूरे जम्मू कश्मीर में राजस्व रिकॉर्ड से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण वाली कुल 17,27,247 कनाल जमीन की अवैध प्रविष्टियों को निरस्त कर दिया गया है।
कुल आंकड़ों में से अकेले जम्मू संभाग में 14,00,051 कनाल और पांच मरला सरकारी जमीन पर कब्जा पाया गया, जिनकी प्रविष्टि राजस्व रिकॉर्ड से हटा दी गईं। वहीं, कश्मीर संभाग में 3,27,199 कनाल जमीन पर अतिक्रमण दर्ज किया गया।
आंकड़ों से क्षेत्रीय स्तर पर बड़ा अंतर सामने आया है। जम्मू संभाग के सात जिलों में से प्रत्येक में एक लाख कनाल से अधिक जमीन पर अतिक्रमण पाया गया, जबकि राजौरी और रियासी जैसे दो जिलों में यह दो लाख कनाल के आंकड़ा को पार कर गया।
इसके विपरीत, कश्मीर संभाग के 10 जिलों में से किसी में भी अतिक्रमण एक लाख कनाल से अधिक नहीं है। घाटी में केवल बारामूला और कुपवाड़ा ही ऐसे जिले रहे जहां 50,000 कनाल से ज्यादा जमीन पर अवैध कब्जा दर्ज किया गया।
आंकड़ों से यह भी पता चला है कि दोनों राजधानी जिलों जम्मू और श्रीनगर के बीच भी भारी असमानता है। जम्मू जिले में 1,45,487 कनाल और छह मरला जमीन पर अतिक्रमण था, जबकि श्रीनगर में यह आंकड़ा केवल 13,862.95 कनाल रहा। यह दर्शाता है कि अकेले जम्मू जिले में श्रीनगर के मुकाबले दस गुना से भी अधिक सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया।
अधिकारियों ने अब राजौरी, रियासी, रामबन, जम्मू, कठुआ, उधमपुर, पुंछ, डोडा, बारामूला, सांबा, कुपवाड़ा, किश्तवाड़, पुलवामा, अनंतनाग, बडगाम, बांदीपोरा, शोपियां, गांदरबल, कुलगाम और श्रीनगर सहित सभी जिलों में भू-माफियाओं के अवैध राजस्व रिकॉर्ड को निरस्त कर दिया है।
भाषा सुमित वैभव
वैभव

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