जम्मू-कश्मीर : राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने दी बधाई

जम्मू-कश्मीर : राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने दी बधाई

जम्मू-कश्मीर : राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने दी बधाई
Modified Date: August 7, 2023 / 04:13 pm IST
Published Date: August 7, 2023 4:13 pm IST

जम्मू, सात अगस्त (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने पर सोमवार को उन्हें बधाई देते हुए कहा कि वह संसद में उन्हें जनता के मुद्दों पर ‘शेर की तरह दहाड़ते’ हुए देखना चाहती हैं।

गुजरात की एक अदालत ने मार्च में राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में दोषी ठहराया था और दो साल जेल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उन्हें लोकसभा सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

किसी सांसद या विधायक को दो साल या उससे ज्यादा की सजा सुनाए जाने के बाद वह सदन की सदस्यता के लिये अयोग्य हो जाता है।

उच्चतम न्यायालय ने पिछले शुक्रवार को मानहानि के एक मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता बहाल होने का मार्ग प्रशस्त हो गया था। राहुल की लोकसभा सदस्यता सोमवार को बहाल हुई।

महबूबा ने यहां पार्टी कार्यालय के भीतर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ”मैं कांग्रेस और राहुल गांधी को उनकी सदस्यता बहाल होने के लिए बधाई देना चाहती हूं। उच्चतम न्यायालय ने गुजरात की अदालत के फैसले पर कई सवाल खड़े किए हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर किसी गरीब व्यक्ति के साथ अन्याय होता है, तो फिर वह कहां जाए। ”

उन्होंने कहा कि निचली अदालतों से राहत नहीं मिलने के बाद सभी लोग तो उच्चतम न्यायालय का दरवाजा नहीं खटखटा सकते हैं। उन्होंने कहा, ”निचली अदालतों में बेगुनाहों की जमानत खारिज कर दी जाती है और उन्हें वर्षों तक जेल में डाल दिया जाता है, जबकि बलात्कारी और भ्रष्टाचारी आसानी से बाहर निकल जाते हैं, क्योंकि उनके लिए जमानत बड़ी आसानी से उपलब्ध है। यह चिंता का विषय है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अतीत में गांधी ने संसद में भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया है और ‘‘हम ऐसे मुद्दों पर एक बार फिर से उन्हें शेर की तरह दहाड़ते हुए देखना चाहते हैं।’’

भाषा जितेंद्र दिलीप

दिलीप


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