जम्मू कश्मीर पुलिस ने हिज्बुल प्रमुख सलाहुद्दीन और तीन अन्य के खिलाफ अदालत के आदेश पर तामील किया

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जम्मू कश्मीर पुलिस ने हिज्बुल प्रमुख सलाहुद्दीन और तीन अन्य के खिलाफ अदालत के आदेश पर तामील किया

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  • Publish Date - June 12, 2026 / 03:54 PM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 03:54 PM IST

श्रीनगर, 12 जून (भाषा) जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शुक्रवार को हिज़्बुल मुजाहिदीन के पाकिस्तान-स्थित प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और तीन अन्य के खिलाफ अदालत द्वारा जारी उद्घोषणा आदेश (प्रोक्लेमेशन ऑर्डर) पर तामील किया है।

इन पर आरोप है कि वे चरमपंथ से जुड़े मामले में गिरफ्तारी से बच रहे हैं और कानूनी कार्यवाही से भाग रहे हैं।

पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि अदालत ने उनके खिलाफ उद्घोषणा की कार्यवाही शुरू की और निर्देश दिया कि आरोपी 14 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे अदालत में पेश हों और यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उद्घोषणा कार्यवाही एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति अदालत में पेश नहीं हो रहा हो या पुलिस या जांच एजेंसियों से जानबूझकर बच रहा हो या गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो।

पुलिस ने आरोपी की पहचान सलाहुद्दीन उर्फ मोहम्मद यूसुफ शाह के रूप में की है, जो बडगाम के सोईबूग का निवासी है। उसका नाम आतंकवादी सूची में शामिल है और यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (यूजेसी) का अध्यक्ष है।

अधिकारियों ने बताया कि अन्य आरोपियों में गुलाम नबी खान उर्फ आमिर खान शामिल है, जो अनंतनाग के लिवर श्रीगुफवारा का निवासी है और हिज़्बुल मुजाहिदीन का कमांडर भी है।

इसके अलावा आरोपियों में शेर मोहम्मद उर्फ बहादुर उर्फ रियाज़ शामिल है जो बांदीपुरा के मलंगाम का निवासी है और नासिर यूसुफ कादरी यहां हब्बा कदल क्षेत्र के डार मोहल्ला स्थित शीलटंग का निवासी है।

पुलिस प्रवक्ता ने कहा ‘‘ काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश टाडा-पोटा (एनआईए अधिनियम के तहत नामित विशेष न्यायाधीश) श्रीनगर द्वारा जारी किए गए उद्घोषणा आदेश पर तामील किया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता -2023 की धारा 84 के तहत चार ऐसे आरोपियों के खिलाफ जारी किया गया था, जो गिरफ्तारी से बच रहे थे। यह मामला एफआईआर संख्या 05/1996 से संबंधित है, जो सीआईके पुलिस थाने में दर्ज है।’’

जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी गिरफ्तारी से बच रहे हैं और जानबूझकर कानूनी कार्यवाही से भाग रहे हैं।

भाषा शोभना नरेश

नरेश