जम्मू कश्मीर: पुलिस ने श्री अमरनाथजी यात्रा, मुहर्रम के आयोजनों की व्यवस्था की समीक्षा की

जम्मू कश्मीर: पुलिस ने श्री अमरनाथजी यात्रा, मुहर्रम के आयोजनों की व्यवस्था की समीक्षा की

जम्मू कश्मीर: पुलिस ने श्री अमरनाथजी यात्रा, मुहर्रम के आयोजनों की व्यवस्था की समीक्षा की
Modified Date: June 8, 2026 / 10:27 pm IST
Published Date: June 8, 2026 10:27 pm IST

श्रीनगर, आठ जून (भाषा) कश्मीर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक वी के बिरदी ने श्री अमरनाथजी यात्रा 2026 और कश्मीर में मुहर्रम के आयोजनों के शांतिपूर्ण संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की सोमवार को श्रीनगर में एक बैठक के दौरान समीक्षा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में कश्मीर क्षेत्र के सभी रेंज पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।

पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि अधिकारियों ने श्री अमरनाथजी यात्रा (एसएएनजेवाई-2026) के सुचारु संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं, साजो-सामान संबंधी जरूरतों और जिलावार तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।

प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यात्रा मार्गों के प्रभावी प्रबंधन संबंधी कदमों पर चर्चा की गई।

घाटी में आगामी मुहर्रम आयोजनों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक ने मुहर्रम जुलूसों के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पर्याप्त सुरक्षा, प्रभावी यातायात प्रबंधन और नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय की जरूरत पर जोर दिया।

समग्र सुरक्षा ढांचे की समीक्षा करते हुए बिरदी ने मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का सख्ती से पालन करने और सभी एजेंसी के बीच प्रभावी समन्वय के महत्व पर जोर दिया।

पुलिस महानिरीक्षक ने अधिकारियों को अभियानगत चुनौतियों, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों सहित किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता को रेखांकित करते हुए बिरदी ने तैनाती रणनीति और मार्ग खोलने वाले दलों (आरओपी) की तैयारियों का आकलन किया।

पुलिस महानिरीक्षक ने निगरानी बढ़ाने, नियमित रूप से क्षेत्र में प्रभुत्व बनाए रखने और रास्ते में पड़ने वाले सभी राजमार्गों तथा संवेदनशील हिस्सों की लगातार निगरानी करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को रात्रि सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया।

उन्होंने अधिकारियों को अभियानगत दक्षता बढ़ाने और मौजूदा मानक संचालन प्रक्रियाओं को परखने के लिए ‘मॉक ड्रिल’ (पूर्वाभ्यास) करने का भी निर्देश दिया।

भाषा

सिम्मी माधव

माधव


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