Jammu Kashmir Flood News: बाढ़ और भूस्खलन से 11 की मौत, कई अभी भी लापता, अगले चार दिन इन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट /image: Social Media
जम्मू। Jammu Kashmir Flood News: जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों पुंछ और राजौरी (Rajouri Flood) में रविवार को मूसलाधार बारिश के कारण हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लापता हैं। इसके बाद विभिन्न एजेंसियों ने संयुक्त रूप से व्यापक बचाव एवं राहत अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार, सबसे अधिक तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई, जहां अधिकांश मौतें दर्ज की गईं। लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ है, हालांकि बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।
पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली गए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संभाग के कुछ हिस्सों में बिगड़ते हालात को देखते हुए अपना दौरा बीच में ही समाप्त कर दोपहर में जम्मू लौटने का निर्णय लिया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी बारिश और बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
Jammu Kashmir Flood News अधिकारियों ने बताया कि सुरनकोट के लोअर मुराह गांव में मूसलाधार बारिश के कारण रविवार तड़के हुए भूस्खलन की चपेट में एक मकान आ गया, जिससे उसमें रह रहे आठ लोग मलबे में दब गए। बचाव दल ने सोफियान यासिर (दो) समेत पांच लोगों के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि शेष की तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि संगला गांव में अचानक आई बाढ़ में एक ही परिवार के चार सदस्य बह गए। लापता लोगों में अब्दुल हमीद, उनकी पत्नी शरीफा बेगम, बेटी अरीबा और बहन मनीरा बेगम शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, नूनाबंदी गांव में एक मकान ढहने से नाजिया कौसर (28) की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हाफिज और दो से छह वर्ष की आयु के तीन बच्चों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सुरनकोट के संगलानी क्षेत्र में मकान ढहने से शाहजैब अहमद (22) की मौत हो गई, जबकि मरहोट क्षेत्र में इरम नामक एक नाबालिग लड़की नाले में डूब गई। इसके अलावा, धुंधक लाथूंग पुल के निकट एक नाले से एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुंछ जिले की हवेली तहसील में लगभग छह मकान ढह जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
राजौरी शहर में भी रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ के दौरान एक नदी से महिला का शव बरामद किया गया। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। नदियों और नालों के उफान पर आने तथा तटबंधों के टूटने से कई वाहन बह गए, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय प्रशासन के सहयोग से राहत एवं बचाव दल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालने और नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं। राजौरी से कांग्रेस के विधायक इफ्तिखार अहमद ने कहा कि अचानक आई इस बाढ़ से सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जम्मू-कश्मीर में 23 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। सीमावर्ती जिलों राजौरी और पुंछ में शनिवार शाम से लगातार बारिश हो रही है, जिसके बाद रातभर हुई मूसलाधार बारिश से नदियां और नाले उफान पर आ गए।
Jammu Kashmir Flood News राजौरी के विधायक इफ्तिखार अहमद को पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली के समर्थन में जम्मू में लोक भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन में शामिल होना था बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र लौट आए। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने लोगों के साथ खड़ा रहने के लिए पार्टी का कार्यक्रम छोड़कर वापस आया हूं, क्योंकि अचानक आई बाढ़ से सरकारी और निजी संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा है।’’
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह दिल्ली से लौट रहे हैं और स्वयं स्थिति की निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मौसम विभाग की चेतावनी और जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में उत्पन्न गंभीर स्थिति को देखते हुए मैं आज दोपहर दिल्ली से जम्मू लौट रहा हूं, ताकि मौके पर पहुंचकर हालात की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर सकूं।’’ अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली की मांग को लेकर 20 जुलाई को दिल्ली में नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।
इस बीच, कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में रविवार को मध्यम बारिश हुई, जिससे पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। घाटी के अधिकांश मौसम केंद्रों पर शनिवार को सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान दर्ज किए जाने के एक दिन बाद यह बारिश हुई। श्रीनगर में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस वर्ष का सबसे गर्म दिन था। अधिकारियों ने बताया कि इस भीषण गर्मी के कारण घाटी के स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां 22 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी गई थीं।
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