जरांगे ने मराठों से धैर्य रखने और आरक्षण के लिए बड़ी लड़ाई की तैयारी करने की अपील की

जरांगे ने मराठों से धैर्य रखने और आरक्षण के लिए बड़ी लड़ाई की तैयारी करने की अपील की

जरांगे ने मराठों से धैर्य रखने और आरक्षण के लिए बड़ी लड़ाई की तैयारी करने की अपील की
Modified Date: September 29, 2026 / 08:50 pm IST
Published Date: September 29, 2026 8:50 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, 29 सितंबर (भाषा) मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को कहा कि वह 15 दिन में अपनी आगे की रणनीति के बारे में बताएंगे। साथ ही समुदाय से धैर्य रखने तथा बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की।

जरांगे ने अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दावा किया कि समुदाय जीत के करीब है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि सत्तारूढ़ दलों के नेता आरक्षण की मांग को विफल करने की साजिश रच रहे हैं।

कार्यकर्ता ने हाल में 20 दिन तक भूख हड़ताल की थी। वह कुनबी जाति की वंशावली के आधार पर मराठों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें भविष्य में बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा। दुश्मन बड़ा है और एकजुट है, लेकिन हमें सभी साजिशों को नाकाम करना होगा और हम जीत के बेहद करीब हैं। जीत के लिए हमें धैर्य रखना होगा। समुदाय को यह भी सीखना होगा कि विध्वंसक होने के बजाय जागरूक होना जरूरी है। जिस तरह वे (सत्तारूढ़ दल) धैर्य के साथ बदला ले रहे हैं, उसी तरह हम भी जवाब देंगे।’’

कार्यकर्ता ने कहा कि वह अपनी रणनीति और ‘‘साजिशों को कैसे नाकाम करना है’’, इसके बारे में 15 दिन बाद बताएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की मांगों का समाधान किए बिना नेताओं को गांवों का दौरा नहीं करना चाहिए।

जरांगे ने कहा, ‘‘नेता साफ कपड़े पहनकर खेतों में आते हैं, जबकि किसानों के पास पीने का पानी नहीं है और उनकी फसल में लगाया पैसा डूब गया है। वे ऐशो-आराम की जिंदगी जीते हैं, जबकि आत्महत्या के बाद एक किसान की ज़िंदगी की कीमत सिर्फ 1.5 लाख रुपये लगाई जाती है।’’

उन्होंने गांवों में आने वाले नेताओं से सवाल करने की अपील की।

अपने स्वास्थ्य के बारे में जरांगे ने कहा कि चिकित्सकों ने उन्हें 10 से 12 दिन पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है और नियमित जांच के लिए आने को कहा है।

भाषा प्रचेता सुरेश

सुरेश


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