जयपुर, 20 अगस्त (भाषा) जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सरकारी जमीन पर बिना मंजूरी के कथित रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाली दुकानों और एक रिसॉर्ट सहित अन्य प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं।
जेडीए की प्रवर्तन शाखा के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) आनंद शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए हैं और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, प्रभावित पक्षों को जेडीए न्यायाधिकरण और एसडीएम अदालत से स्थगन आदेश प्राप्त है।
शर्मा ने कहा, ‘‘इस मामले से संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रभावित पक्षों ने जेडीए न्यायाधिकरण और एसडीएम अदालत से स्थगन आदेश लिया था। जल्द ही कानून के नियमों और प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण पर्याप्त साक्ष्य जुटाएगा, ताकि यह स्थापित किया जा सके कि संबंधित जमीन सरकारी है या नहीं, उस पर अवैध निर्माण किया गया है या नहीं और वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं या नहीं।
यह कार्रवाई 19 अगस्त को जेडीए और अन्य संबंधित अधिकारियों के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है। शिकायत में सांगानेर तहसील के चिमनपुरा गांव में जमीन का तत्काल निरीक्षण करने की मांग की गई थी। आरोप है कि वहां सरकारी जमीन पर दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए जा रहे हैं।
शिकायत के अनुसार, इन व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित करने वाले लोगों के पास राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 90-बी के तहत वैध प्रमाणपत्र या आदेश नहीं है।
भाषा बाकोलिया शफीक
शफीक