झारखंड: विधानसभा की ओर मार्च के दौरान एबीवीपी के 110 कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए
झारखंड: विधानसभा की ओर मार्च के दौरान एबीवीपी के 110 कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए
रांची, 11 अगस्त (भाषा) झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को रांची में राज्य विधानसभा की ओर मार्च कर रहे एबीवीपी के 110 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी के मुताबिक, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने जैसे ही रांची के पुराने विधानसभा क्षेत्र से मार्च शुरू किया, उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को ले जा रही बस को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई।
मार्च के दौरान पुलिस की ओर से कुछ महिला प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।
विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक लड़की सहित दो छात्र बेहोश हो गए। सुरक्षा अधिकारियों ने लड़की को पास के एक छायादार क्षेत्र में पहुंचाया, जहां साथी प्रदर्शनकारियों ने उसे पानी पिलाया।
एबीवीपी ने छात्रों के खिलाफ पुलिस के कथित अत्याचार पर सरकार से जवाब मांगा। उसने दावा किया कि विधानसभा की ओर विरोध मार्च के दौरान रांची पुलिस ने संगठन के 200 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, पुलिस अधीक्षक (नगर) पारस राणा ने कहा, “विधानसभा की ओर मार्च के दौरान एबीवीपी के करीब 110 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।”
एबीवीपी कार्यकर्ता कुमार दिव्यांशु ने कहा कि सरकार युवाओं और छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
उसने कहा, “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के गुंडों ने हमें उस समय हिरासत में ले लिया, जब हम विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे।”
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को ले जा रही बस के आगे बैठे एबीवीपी कार्यकर्ता तुषार ने आरोप लगाया कि उन्हें (प्रदर्शनकारियों) बिना किसी कारण के हिरासत में लिया जा रहा है।
तुषार ने मांग की कि प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक मार्च करने की अनुमति दी जाए।
चश्मदीदों के मुताबिक, कई एबीवीपी कार्यकर्ता पुलिस वाहन के आगे सड़क पर लेट गए, जबकि कुछ उसके ऊपर चढ़ गए।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “सरकार को यह याद रखना चाहिए कि वह लाखों छात्रों की आवाज नहीं दबा सकती। हम परीक्षा में कथित अनियमितताओं की सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। हम उनके लिए आवाज उठा रहे हैं।”
एबीवीपी के विरोध मार्च में हिस्सा लेने के लिए चतरा से रांची आई प्रीति कुमारी ने कहा, “हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि प्रश्नपत्र लीक क्यों हो रहे हैं? हम सीबीआई जांच की मांग करते हैं। हम दिन-रात पढ़ाई करते हैं, ताकि हमें नौकरी मिल सके, लेकिन प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं; हमें पीटा जाता है। यह किस तरह का न्याय है?”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी ने सोमवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में इस मार्च का आह्वान किया था।
सोमवार को छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन और तेज हो गया, जब उन्होंने झारखंड विधानसभा की ओर मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें छोड़ीं, आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के कामकाज में व्यापक सुधारों तथा कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर छात्र राज्य में 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं।
भाषा पारुल नरेश
नरेश

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