झारखंड : विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता से छेड़छाड़ को लेकर 38 लोगों पर प्राथमिकी

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झारखंड : विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता से छेड़छाड़ को लेकर 38 लोगों पर प्राथमिकी

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 10:25 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 10:25 PM IST

(फोटो/फाइल फोटो के साथ)

रांची, 25 अगस्त (भाषा) रांची में 21 अगस्त को विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ की एक सदस्य के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने को लेकर 38 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि इस महिला ने झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता (भाजपा) बाबूलाल मरांडी के साथ यहां कोतवाली थाने में जाकर शिकायत की जिसके बाद सोमवार को यह मामला दर्ज किया गया।

कोतवाली थाने के प्रभारी सनोज चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘प्राथमिकी में 30 अज्ञात लोगों के अलावा आठ लोगों को नामजद किया गया है। उन पर छेड़छाड़ और बीएनएस की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।’’

यह कथित घटना भर्ती परीक्षा में ‘गड़बड़ियों’ को लेकर निकाले गए एक जुलूस के दौरान अल्बर्ट एक्का चौक के पास हुई।

पीड़िता ने कहा, ‘‘हमने शांतिपूर्ण जुलूस निकाला तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने की कोशिश कर रहे थे। तभी करीब आठ ज्ञात और 30 से ज़्यादा अज्ञात लोगों ने मुझ पर हमला किया तथा मेरे साथ छेड़छाड़ की।’’

मरांडी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे विद्यार्थियों पर ‘(सत्तारूढ) झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के गुंडों’ का कायरतापूर्ण हमला बेहद निंदनीय है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा विद्यार्थियों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर स्तर पर उनके संघर्ष का समर्थन करेगी।’’

इस बीच, मरांडी अन्य भाजपा नेताओं के साथ रांची सदर के अंचलाधिकारी-सह-मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंचे और झामुमो के ‘गुंडों’ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘21 अगस्त के विरोध-प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर मौजूद मजिस्ट्रेट ने एकतरफा कार्रवाई की है। उस दिन झामुमो के गुंडों ने दहशत फैलाई जबकि विद्यार्थियों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारी ने उन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की जिन्होंने प्रदर्शन में बाधा डाली और छात्राओं के साथ बदसलूकी की।’’

विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘हम सभी ऐसे अधिकारियों को उनकी ज़िम्मेदारियों का एहसास कराने आए हैं। हमने अंचलाधिकारी-सह-मजिस्ट्रेट से निष्पक्ष कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।’’

मरांडी ने कहा कि अगर वह इन गुंडों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करते हैं, तो उनके दफ़्तर के सामने धरना दिया जाएगा।

मरांडी ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर कई वीडियो और अन्य सबूत मौजूद हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि उस दिन कौन लोग गुंडागर्दी कर रहे थे।

रांची सदर के अंचलाधिकारी (सीओ) शिव शंकर पांडेय ने कहा कि उनकी शिकायत ”मौके पर मैंने जो तथ्य देखे, उन पर आधारित थी और इसका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं था।”

मरांडी ने यह भी कहा कि जिन विद्यार्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, भाजपा उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता देगी।

मरांडी के आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा ‘झारखंड में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए विद्यार्थियों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है।’

सिन्हा ने कहा, ‘‘बाबूलाल मरांडी प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए सीओ कार्यालय और कोतवाली जा रहे हैं, लेकिन मैं पूछता हूं कि जब जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे एक छात्र को पैलेट गन से चोट लगी थी और प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए उसे तीन दिन तक थाने के चक्कर काटने पड़े थे, तब मरांडी और उनकी पार्टी के नेता कहां थे? दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी के दखल के बाद ही उसकी प्राथमिकी दर्ज की थी।’’

भाषा राजकुमार पवनेश

पवनेश