झारखंड उच्च न्यायालय ने छात्रों की हिरासत को लेकर चतरा के एसपी से स्पष्टीकरण देने को कहा

झारखंड उच्च न्यायालय ने छात्रों की हिरासत को लेकर चतरा के एसपी से स्पष्टीकरण देने को कहा

झारखंड उच्च न्यायालय ने छात्रों की हिरासत को लेकर चतरा के एसपी से स्पष्टीकरण देने को कहा
Modified Date: February 17, 2026 / 12:56 am IST
Published Date: February 17, 2026 12:56 am IST

रांची, 16 फरवरी (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को चतरा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुमित अग्रवाल से पूछा कि कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना दो छात्रों को लावालौंग पुलिस थाने में 10 दिनों तक हिरासत में क्यों रखा गया।

एसपी न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और अरुण कुमार राय की खंडपीठ के समक्ष उपस्थित हुए। यह सुनवाई छात्रों में से एक की मां अख्तरी खातून द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के संबंध में हुई।

पुलिस ने 26 जनवरी की सुबह दोनों छात्रों को वसूली गिरोह में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया था। हालांकि, उन्हें रिहा नहीं किया गया और 10 दिन तक हिरासत में रखा गया, जिसके बाद यह याचिका दायर की गयी।

एसपी से बातचीत के दौरान अदालत ने कहा कि पुलिस को समाज पर अपनी छाप छोड़नी चाहिए।

अदालत ने कहा कि अगर छात्र को पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाता, तो इससे समाज को एक अच्छा संदेश मिलता।

अदालत ने कहा कि पुलिस ने छात्र को बिना किसी कारण के थाने में रखा, जो कानून की प्रक्रिया से परे है।

इस मामले पर अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।

भाषा गोला रंजन

रंजन


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