झारखंड उच्च न्यायालय ने ईडी कार्यालय पर पुलिस की छापेमारी को ‘‘पूर्व नियोजित’’ करार दिया

झारखंड उच्च न्यायालय ने ईडी कार्यालय पर पुलिस की छापेमारी को ‘‘पूर्व नियोजित’’ करार दिया

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 02:31 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 02:31 PM IST

रांची, 16 जनवरी (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय पर हाल में की गई पुलिस की छापेमारी प्रथम दृष्टया ‘‘पूर्व नियोजित’’ प्रतीत होती है।

न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी ने निदेशालय की ओर से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय एजेंसी को मामले में केंद्रीय गृह सचिव को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया।

अदालत ने केंद्रीय गृह सचिव को प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय और उसके अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)/सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) या किसी अन्य अर्द्धसैनिक बल को तैनात करने का आदेश दिया।

न्यायमूर्ति द्विवेदी ने रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन को भी ईडी कार्यालय की समुचित सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

अदालत ने कहा कि यदि ईडी कार्यालय और उसके अधिकारियों की सुरक्षा में कोई चूक होती है तो इसके लिए एसएसपी रांची को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

उच्च न्यायालय ने झारखंड सरकार के पूर्व कर्मचारी संतोष कुमार द्वारा ‘एयरपोर्ट’ थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर ईडी अधिकारियों के खिलाफ पुलिस जांच पर भी रोक लगा दी।

झारखंड पुलिस द्वारा प्रवर्तन निदेशालय के रांची कार्यालय पर छापेमारी के खिलाफ संघीय एजेंसी ने बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय का रुख किया था। ईडी ने अदालत में दायर की गई याचिका में कार्यालय में छापेमारी की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने का अनुरोध किया है और पुलिस द्वारा संघीय एजेंसी के कामकाज में ‘‘प्रत्यक्ष हस्तक्षेप’’ करने का आरोप लगाया है।

ईडी के वकील ने अदालत से कहा कि केंद्रीय एजेंसी संतोष द्वारा 23 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच कर रही है। वकील ने कहा कि इस मामले में ईडी द्वारा अब तक नौ करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा