रांची, 15 जनवरी (भाषा) रांची पुलिस की एक टीम ने बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जोनल कार्यालय से सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लिया। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई झारखंड के एक पूर्व सरकारी कर्मचारी द्वारा पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाए जाने के बाद की गई।
सूत्रों के अनुसार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पूर्व कर्मचारी ने 12 जनवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कथित जलापूर्ति घोटाले की जांच के दौरान ईडी अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट की।
सूत्रों ने कहा कि पुलिसकर्मी बृहस्पतिवार सुबह ईडी कार्यालय पहुंचे। हालांकि, रांची पुलिस ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल पुलिस और ईडी अधिकारियों के बीच हुए टकराव के बाद सामने आया है, जब जांच एजेंसी ने जबरन प्रवेश और दस्तावेजों की चोरी के आरोपों के बीच राजनीतिक परामर्श फर्म ‘आई-पैक’ के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी ली थी।
नाम नहीं छापने की शर्त पर रांची पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मारपीट के आरोपों के मद्देनजर ईडी कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बढ़ाने के लिए ईडी कार्यालय के पास सीआईएसएफ के जवानों को तैनात किया गया है।
इस बीच, झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि ईडी कार्यालय पर पुलिस कार्रवाई की आड़ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण सबूतों के साथ छेड़छाड़ और उन्हें नष्ट करने का प्रयास किया जा सकता है।
मरांडी ने आरोप लगाया, ‘सूचना मिली है कि रांची के हवाई अड्डा रोड स्थित ईडी क्षेत्रीय कार्यालय को रांची पुलिस ने घेर लिया है। ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण सबूत मौजूद हैं।’
मरांडी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘यह आशंका है कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में इन महत्वपूर्ण सबूतों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने का प्रयास किया जा सकता है।’
जनवरी 2024 में सोरेन ने कथित भूमि घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में दिल्ली स्थित उनके आवास पर ईडी द्वारा की गई तलाशी को लेकर यहां अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति थाने में ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
प्राथमिकी के अनुसार, सोरेन ने आरोप लगाया था कि ईडी ने उन्हें और उनके पूरे समुदाय को “परेशान करने और बदनाम करने” के लिए तलाशी ली।
बाद में ईडी अधिकारियों द्वारा एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोपों की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर सोरेन ने झारखंड उच्च न्यायालय का रुख किया था।
मामला फिलहाल अदालत में लंबित है।
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश