‘मोदी की तुलना हिटलर से करने’ के लिए जिंदल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर निलंबित

'मोदी की तुलना हिटलर से करने' के लिए जिंदल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर निलंबित

‘मोदी की तुलना हिटलर से करने’ के लिए जिंदल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर निलंबित
Modified Date: February 27, 2026 / 07:38 pm IST
Published Date: February 27, 2026 7:38 pm IST

चंडीगढ़, 27 फरवरी (भाषा) हरियाणा के सोनीपत स्थित ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के एक एसोसिएट प्रोफेसर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तुलना कथित तौर पर एडॉल्फ हिटलर से करने को लेकर एक सेमेस्टर के लिए निलंबित कर दिया गया है।

एक छात्र के पिता द्वारा हरियाणा मानवाधिकार आयोग में शिकायत दायर करने के बाद प्रोफेसर को निलंबित किया गया।

छात्र के पिता ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को लगातार उत्पीड़न, अपमान और भेदभावपूर्ण व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उसके मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन पर बुरा असर पड़ रहा है।

स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र विख्यात बजाज के पिता विश्व बजाज ने पिछले साल नवंबर में दायर अपनी शिकायत में कहा था कि उनके बेटे ने 31 अक्टूबर 2025 को ‘उरी: सर्जिकल स्ट्राइक’ पर एक निबंध लिखा था, जो विश्वविद्यालय के शिक्षकों को पसंद नहीं आया।

छात्र के पिता ने आरोप लगाया कि इसके परिणामस्वरूप, 3 नवंबर को कक्षा में उनके बेटे के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि 7 नवंबर को एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा पढ़ाए जा रहे ‘‘प्रतिनिधित्व की राजनीति’’ नामक पाठ्यक्रम के दौरान ऐसी टिप्पणियां की गईं जो ‘‘राजनीतिक रूप से अपमानजनक, भड़काऊ और बेहद परेशान करने वाली’’ थीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन टिप्पणियों में ‘‘प्रधानमंत्री की तुलना (जर्मन तानाशाह) एडॉल्फ हिटलर से करना, और राष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों को महज दिखावा और प्रचार’’ बताना शामिल था।

आरोप के अनुसार शिकायतकर्ता के बेटे ने भारत सरकार, प्रधानमंत्री और भारतीय सेना की प्रशंसा की थी, इसलिए कुछ विशेष राजनीतिक विचारों वाले प्राध्यापकों ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया।

विश्व बजाज ने बताया कि उनके बेटे को उरी पर लिखे निबंध के लिए कक्षा में सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और वह उस विषय में अनुत्तीर्ण हो गया।

छात्र द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति को लिखित में शिकायत देने के बाद, कार्यकारी डीन द्वारा जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि विख्यात बजाज को अनुत्तीर्ण करना अनुचित था।

परिणामस्वरूप, विश्वविद्यालय ने परिणाम संशोधित किया और विख्यात बजाज को आंतरिक मूल्यांकन में उत्तीर्ण कर दिया।

छात्र के पिता ने अपनी शिकायत में दावा किया कि इस घटना के कारण कुछ शिक्षक उनके बेटे से नाराज रहने लगे हैं।

उन्होंने बताया कि उनका बेटा वर्तमान में मानसिक वेदना झेल रहा है तथा प्रतिशोध, शैक्षणिक असफलता और संस्थागत उत्पीड़न के भय में जी रहा है।

इस बीच, विश्वविद्यालय की मुख्य संचार अधिकारी अंजू मोहन ने कहा, ‘‘कानून के अनुसार, मामले की सुनवाई एचएचआरसी (हरियाणा मानवाधिकार आयोग) द्वारा की जा रही है और हम उसके अनुरोध का पालन कर रहे हैं। हम पूर्ण सहयोग कर रहे हैं और उसके निर्देशों का आवश्यकतानुसार पालन कर रहे हैं।’’

आयोग ने 16 जनवरी को, सोनीपत पुलिस आयुक्त और विश्वविद्यालय के कुलसचिव से रिपोर्ट मांगी थी।

आयोग ने कुलपति को निर्देश दिया है कि वह 13 मई को इस मामले में उसके समक्ष स्वयं उपस्थित हों या किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी को भेजें।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश

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